छात्र श्रेष्ठ गुप्ता तीन दिनों से जेएच के न्यूरोसर्जरी विभाग के आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर जिंदगी की जंग लड़ रहा था। हादसे के बाद से ही उसकी हालत …और पढ़ें

Publish Date: Tue, 26 May 2026 11:14:12 AM (IST)Updated Date: Tue, 26 May 2026 11:15:57 AM (IST)

ग्वालियर: सड़क हादसे में घायल जीआरएमसी के एमबीबीएस छात्र की मौत, 3 दिन वेंटिलेटर पर रहने के बाद तोड़ा दम
जिंदगी की जंग हार गया एमबीबीएस छात्र श्रेष्ठ गुप्ता। सोशल मीडिया

HighLights

  1. कलेक्ट्रेट के सामने बेकाबू होकर फिसली थी बाइक, सिर में आई थी गंभीर चोट
  2. तीन घंटे चला न्यूरोसर्जरी का ऑपरेशन, वेंटिलेटर पर भी नहीं बच सकी जान
  3. बिहार का रहने वाला था फाइनल ईयर का छात्र श्रेष्ठ गुप्ता

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शहर के कलेक्ट्रेट चौराहे के सामने शनिवार देर रात हुए सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय के एमबीबीएस फाइनल ईयर के छात्र ने मंगलवार सुबह दम तोड़ दिया। छात्र तीन दिनों से जयारोग्य अस्पताल के न्यूरोसर्जरी विभाग के आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर जिंदगी की जंग लड़ रहा था। हादसे के बाद से ही उसकी हालत नाजुक बनी हुई थी।

बिहार से जीआरएमसी में आया था पढ़ने

मृतक छात्र बिहार निवासी 22 वर्षीय श्रेष्ठ गुप्ता था, जो जीआरएमसी में एमबीबीएस फाइनल ईयर का छात्र था और ग्वालियर में किराए के मकान में रहकर पढ़ाई कर रहा था। शनिवार रात वह सिरोल क्षेत्र से बाइक से लौट रहा था। इसी दौरान कलेक्ट्रेट के सामने उसकी बाइक अनियंत्रित होकर फिसल गई। हादसे में उसके सिर में गंभीर चोट आई थी। हादसे के समय सड़क सूनी थी। छात्र सड़क पर बेहोश पड़ा था और उसकी बाइक कुछ दूरी पर गिरी हुई थी। शुरुआती जानकारी में खराब सड़क और अचानक संतुलन बिगड़ने की बात सामने आई थी।

राहगीर बना देवदूत, कार से पहुंचाया अस्पताल था

घटना के दौरान वहां से गुजर रहे निजी अस्पताल में कार्यरत ओटी टेक्नीशियन मनीष गोस्वामी ने घायल छात्र को देखा। उन्होंने बिना देर किए छात्र को अपनी कार में बैठाकर अस्पताल पहुंचाया। बाद में उसके साथी मौके पर पहुंचे और उसे जयारोग्य अस्पताल लेकर गए थे।

रातभर चला था आपरेशन, लेकिन नहीं बच सकी जान

न्यूरोसर्जन डॉक्टर आदित्य श्रीवास्तव के अनुसार छात्र को रात करीब 3:20 बजे अस्पताल लाया गया था। सीटी स्कैन में दिमाग में गंभीर चोट और अंदर ब्लीडिंग सामने आई। हालत गंभीर होने पर तत्काल आपरेशन किया गया, जो करीब तीन घंटे तक चला। आपरेशन के बाद छात्र को आईसीयू में शिफ्ट कर वेंटिलेटर पर रखा गया था, लेकिन मंगलवार सुबह उसने दम तोड़ दिया।

बिलखते रहे माता-पिता: बेटे की मौत की खबर सुन मां-पिता बदहवास हो गए। हादसे के बाद से मां लगातार बेटे के होश में आने की उम्मीद लगाए बैठी थी, लेकिन मंगलवार सुबह परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

दोस्त और मेडिकल छात्रों में शोक: श्रेष्ठ गुप्ता की मौत की खबर मिलते ही मेडिकल कालेज के छात्रों में शोक की लहर दौड़ गई। अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में छात्र और उसके साथी जुट गए।



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