दक्षिण-पश्चिम मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और 25 जून तक ग्वालियर पहुंचने की संभावना है। हालांकि इस बार सामान्य से कम वर्षा का अनुमान है, जबकि गर्मी और …और पढ़ें

HighLights
- मौसम विभाग ने सामान्य से कम वर्षा का अनुमान।
- दो दिनों में तापमान 3.7 डिग्री सेल्सियस बढ़ा।
- 12 जून से बारिश और बादल बनने के आसार।
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। केरल में मानसून भले ही तीन दिन की देरी से चार जून को पहुंचा हो, लेकिन अब दक्षिण-पश्चिमी मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। केंद्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा संकेतों के अनुसार मानसून के ग्वालियर सहित देश के अन्य हिस्सों में समय पर पहुंचने की उम्मीद है। मौसम विभाग के रिकार्ड के अनुसार ग्वालियर-चंबल अंचल में मानसून के आगमन की सामान्य तिथि 25 जून मानी जाती है।
शुरुआती पूर्वानुमान में मानसून के देरी से आने की आशंका जताई गई थी, लेकिन वर्तमान गति को देखते हुए माना जा रहा है कि इस बार 25 जून के आसपास अंचल में पहली मानसूनी वर्षा हो जाएगी। पिछले साल मानसून ने अंचल में उम्मीद से उलट तेजी दिखाई थी और तय समय से छह दिन पहले यानी 19 जून को ही दस्तक दे दी थी। परिणाम स्वरूप पिछले साल ग्वालियर में 100 सालों की रिकार्ड तोड़ वर्षा दर्ज की गई थी।
सामान्य से कम वर्षा का अनुमान
- “आउटलुक” थोड़ा अलग इस बार मौसम विभाग ने सामान्य से कम वर्षा होने का पूर्वानुमान जारी किया है। भोपाल मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डा. अरुण शर्मा के मुताबिक मानसून ने रफ्तार पकड़ी है और केरल को छोड़कर अन्य जगहों पर तेजी से पहुंच रहा है। ऐसे में प्रदेश में भी समय पर पहुंचने की उम्मीद है। हालांकि इस बार सामान्य से कम वर्षा होने का अनुमान केंद्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने जताया है। हो सकता है समय पर आने के बाद भी वर्षा उतनी अधिक न हो।
- जिले में दो दिन में 3.7 डिसे की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आगामी चार-पांच दिन में अंचल का तापमान 43 डिसे तक पहुंच सकता है। ऐसे में उमस भरी गर्मी से अंचल वासियों को राहत मिलने की उम्मीद कम ही है। हालांकि 11 जून से नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने वाला है। इसके बाद मौसम में बदलाव आएगा और तेज हवा के साथ वर्षा हो सकती है।
गर्मी इसलिए कर रही परेशान
रात के समय वर्तमान में नमी सामान्य से अधिक है और दिन के समय तेज धूप के असर से सामान्य से कम हो रही है। इस असंतुलन की वजह से दिन के समय लोगों को गर्मी अधिक परेशान कर रही है। धूप में निकलते ही लोगों को पसीना आ रहा है।
आगामी दिनों में ऐसा रहेगा मौसम
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक सोमवार को गरज-चमक व तेज हवा के साथ कहीं-कहीं हल्की वर्षा हो सकती है, लेकिन इसके बाद मंगलवार से मौसम साफ हो जाएगा और तापमान में बढ़ोतरी जारी रहेगी। 11 जून को हिमालय क्षेत्र में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके असर से 12 जून से अंचल में एक फिर से बादल छाएंगे और गरज-चमक के साथ वर्षा होने के आसार बढ़ेंगे। मौसम के इस बदलाव से तापमान कम होगा और गर्मी से राहत मिलेगी।
दिन का तापमान
शुक्रवार को अंचल में दिन का तापमान 37.9 डिसे पर था, लेकिन शनिवार को इस तापमान में 2.5 डिसे की बढ़ोतरी हुई और 40.4 डिसे पर आ गया। इसके बाद रविवार को तापमान 41.6 डिसे पर पहुंच गया। यानि दो दिन में 3.7 डिसे तापमान बढ़ गया। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक अभी यह तापमान 43 डिसे तक जा
सकता है।
रात का तापमान
पिछले दिनों 26 से 27 डिसे के बीच चल रहा था, लेकिन रविवार को पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म होने से आसमान साफ हुआ तो रात में गर्मी बढ़ गई। रात के तापमान में 2.6 डिसे का उछाल आ गया। यानि रात में भी गर्मी बढ़ गई।
25 जून को ग्वालियर पहुंचेगा मानसून
- केरल में मानसून भले ही तीन दिन की देरी से चार जून को पहुंचा हो, लेकिन अब दक्षिण-पश्चिमी मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। केंद्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा संकेतों के अनुसार मानसून के ग्वालियर सहित देश के अन्य हिस्सों में समय पर पहुंचने की उम्मीद है।
- मौसम विभाग के रिकार्ड के अनुसार ग्वालियर-चंबल अंचल में मानसून के आगमन की सामान्य तिथि 25 जून मानी जाती है। शुरुआती पूर्वानुमान में मानसून के देरी से आने की आशंका जताई गई थी, लेकिन वर्तमान गति को देखते हुए माना जा रहा है कि इस बार 25 जून के आसपास अंचल में पहली मानसूनी वर्षा हो जाएगी।
