राजधानी में शुक्रवार शाम अचानक मौसम ने करवट ली और तेज आंधी के साथ कई इलाकों में जोरदार बारिश हुई। कोलार, बैरागढ़, कोहेफिजा, अरेरा हिल्स, पुराना शहर समेत कई क्षेत्रों में तेज बारिश दर्ज की गई। 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली हवाओं के कारण कई जगह पेड़ गिर गए और यातायात भी प्रभावित हुआ। रानी कमलापति स्टेशन परिसर में आंधी के दौरान लोहे का एक फ्रेम उड़ गया। शाम की बारिश के बाद राजधानी समेत प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई। भोपाल का न्यूनतम तापमान 20.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली।

पचमढ़ी से भी ठंडा निकला श्योपुर

आंधी और बारिश के असर से प्रदेश के अधिकांश शहरों का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। सबसे अधिक राहत श्योपुर में रही, जहां अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। यह प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी से भी कम रहा, जहां अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गुना में 35.4 डिग्री, सिवनी में 36 डिग्री, रतलाम में 36.2 डिग्री, राजगढ़ में 36.4 डिग्री, बैतूल में 36.5 डिग्री और सतना में 36.6 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

20 से ज्यादा जिलों में बारिश का असर

पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में आंधी और बारिश का दौर चला। रतलाम में सबसे अधिक करीब डेढ़ इंच बारिश दर्ज की गई, जबकि भोपाल में लगभग पौन इंच और इंदौर व श्योपुर में आधा इंच से ज्यादा पानी गिरा। धार, रायसेन, उज्जैन, शाजापुर, सीहोर, जबलपुर, झाबुआ, छतरपुर और मैहर समेत कई जिलों में भी बारिश हुई।

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मानसून की दस्तक में अभी इंतजार

मौसम विभाग के अनुसार मानसून केरल पहुंच चुका है, लेकिन मध्यप्रदेश में इसकी एंट्री सामान्य तिथि से कुछ दिन देर से हो सकती है। अनुमान है कि प्रदेश में मानसून 20 से 22 जून के बीच प्रवेश कर सकता है। तब तक प्री-मानसून गतिविधियों के चलते आंधी, बारिश और तापमान में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहने की संभावना है।



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