मध्यप्रदेश में 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस संगठन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। पार्टी उम्मीदवार के रूप में मीनाक्षी नटराजन के नाम की घोषणा के बाद अब विधायकों को एकजुट रखने और चुनावी गणित को साधने की कवायद शुरू हो गई है। इसी बीच मीनाक्षी नटराजन ने दिल्ली में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से मुलाकात कर चुनावी रणनीति और राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा की।

उम्मीदवार बनने के बाद कमलनाथ से मुलाकात

राज्यसभा उम्मीदवार घोषित होने के बाद मीनाक्षी नटराजन ने दिल्ली स्थित कमलनाथ के निवास पर पहुंचकर उनसे मुलाकात की। राजनीतिक हलकों में इस मुलाकात को शिष्टाचार के साथ-साथ संगठनात्मक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खास बात यह है कि राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार को लेकर चल रही चर्चाओं में कमलनाथ का नाम सबसे प्रमुख दावेदारों में शामिल था। पार्टी के भीतर और राजनीतिक गलियारों में लंबे समय तक उनके नाम को लेकर अटकलें लगाई जाती रहीं। हालांकि कांग्रेस नेतृत्व ने अंततः मीनाक्षी नटराजन पर भरोसा जताया। ऐसे में उम्मीदवार घोषित होने के तुरंत बाद कमलनाथ से हुई उनकी मुलाकात को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।

भोपाल में कांग्रेस विधायक दल की अहम बैठक

राज्यसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस ने शनिवार को भोपाल में विधायक दल की बैठक बुलाई है। पार्टी ने सभी विधायकों की उपस्थिति अनिवार्य कर दी है। बैठक में मतदान प्रक्रिया, संगठनात्मक अनुशासन और चुनावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और प्रदेश प्रभारी सहित अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। हालांकि कमलनाथ के बैठक में शामिल होने की संभावना कम बताई जा रही है।

क्रॉस वोटिंग रोकने पर पूरा फोकस

राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस का मुख्य जोर अपने विधायकों को एकजुट बनाए रखने पर है। पार्टी नेतृत्व किसी भी तरह की क्रॉस वोटिंग या अप्रत्याशित राजनीतिक घटनाक्रम से बचना चाहती है। इसी कारण विधायकों के साथ लगातार संवाद और बैठकों का दौर चल रहा है।

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मतदान की प्रक्रिया पर भी होगी चर्चा

बैठक में विधायकों को राज्यसभा चुनाव की मतदान प्रक्रिया, प्राथमिकता वोट और तकनीकी पहलुओं की जानकारी भी दी जाएगी। साथ ही पार्टी उम्मीदवार के पक्ष में शत-प्रतिशत मतदान सुनिश्चित करने की रणनीति पर चर्चा होगी।

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चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी

राज्यसभा चुनाव की तारीख नजदीक आने के साथ ही प्रदेश की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। भाजपा और कांग्रेस दोनों अपने-अपने विधायकों को साधने और चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटी हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में राजनीतिक बैठकों और अंदरूनी गतिविधियों में और तेजी देखने को मिल सकती है।



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