ग्वालियर में ज्योति कुशवाह की गोली लगने से मौत मामले में देवर योगेश पुलिस रिमांड पर है। उसने हादसे का दावा किया, जबकि मायके पक्ष ने प्रताड़ना और साक्ष …और पढ़ें

Publish Date: Wed, 03 Jun 2026 10:43:42 AM (IST)Updated Date: Wed, 03 Jun 2026 10:43:42 AM (IST)

पुलिस रिमांड पर मजाक-मजाक में भाभी को गोली मारने वाला आरोपी देवर, बताया- क्या हुआ था घटना वाले दिन
आरोपी देवर को एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा। (फोटो- नईदुनिया प्रतिनिधि)

HighLights

  1. देवर योगेश को एक दिन की पुलिस रिमांड मिली।
  2. पिस्टल से मजाक में ट्रिगर दबाने का दावा किया।
  3. गोली लगने से ज्योति कुशवाह की मौत हुई।

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शहर के तृप्ति नगर में 32 वर्षीय ज्योति उर्फ जाह्नवी कुशवाह की गोली लगने से हुई मौत के मामले में गिरफ्तार आरोपी देवर योगेश कुशवाह को एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस अब उससे घटना में उपयोग की गई अवैध पिस्टल के स्रोत और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाने में लगी है। मंगलवार को न्यायालय में पेश किए गए आरोपी की पुलिस रिमांड के लिए एडीपीओ अभय प्रताप सिंह ने आवेदन प्रस्तुत किया।

पुलिस पूछताछ में योगेश ने दावा किया है कि घटना जानबूझकर नहीं हुई। उसके अनुसार शनिवार-रविवार की दरमियानी रात वह पिस्टल से हवाई फायरिंग कर रहा था। इस दौरान एक कारतूस चैंबर में फंस गया। रविवार सुबह वह पिस्टल लेकर नीचे आया।

मजाक-मजाक में पहले अपने भाई मनोज और फिर बहन की ओर पिस्टल तानकर ट्रिगर दबाया, लेकिन फायर नहीं हुआ। उसके बाद उसने भाभी ज्योति के सिर पर पिस्टल रखकर ट्रिगर दबाया, तो चैंबर में फंसा कारतूस चल गया। गोली उनके सिर में लग गई।

मायके पक्ष ने खड़े किए सवाल

हालांकि मृतका के मायके पक्ष ने इस कहानी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि साक्ष्य मिटाने और जल्द अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही थी। मायके पक्ष ने यह भी आरोप लगाया है कि विवाह के बाद से ज्योति को प्रताड़ित किया जाता था। उसके पति मनोज का व्यवहार भी ठीक नहीं था। घटना के बाद से पति मनोज फरार है। उसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

तीन अस्पतालों से मृत घोषित

  • आरोपी ने अपने मेमो में बताया कि गोली लग जाने के बाद महिला को सबसे पहले घर के पास स्थित एक निजी अस्पताल में ले गए, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसके बाद ट्रामा सेंटर सहित एक और निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण कर उसे मृत घोषित कर दिया।
  • हर जगह से डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया, तब वह शव को लेकर घर आए। हालांकि इस मेमो के आधार पर एक बड़ी गड़बड़ी सामने आती है कि इस प्रकार का घटनाक्रम सामने आने पर तीनों में से एक भी अस्पताल ने पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी?



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