चंबल में अवैध रेत उत्खनन पर सख्ती बढ़ाते हुए परिवहन आयुक्त उमेश जोगा ने ग्वालियर में रेत सप्लाई रोकने, ट्रैक्टर सत्यापन, जीपीएस अनिवार्य करने और संयुक …और पढ़ें

HighLights
- चंबल की रेत सप्लाई रोकने के निर्देश जारी किए।
- अवैध परिवहन में लगे ट्रैक्टरों का सत्यापन होगा अब।
- संदिग्ध ट्रैक्टर-ट्रालियों में जीपीएस लगाना अनिवार्य रहेगा।
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। चंबल में रेत के अवैध उत्खनन पर सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख को देखते हुए मंगलवार को ग्वालियर-चंबल के प्रवास पर आए प्रदेश के परिवहन आयुक्त उमेश जोगा ने ग्वालियर कलेक्टर और एसपी को मुरैना की ओर से जिले में आ रही रेत की सप्लाई रोकने के निर्देश दिए हैं।
विभाग के आकलन अनुसार चंबल की रेत की 50 प्रतिशत सप्लाई ग्वालियर व इसके आसपास है। यह रेत बारीक होने से प्लास्टर के लिए बेहतर मानी जाती है, जबकि ग्वालियर की सीमा में सिंध नदी से निकलने वाली रेत मोटी होती है। जोगा बुधवार को भिंड में व गुरुवार को श्योपुर में वहां के कलेक्टर व एसपी के साथ बैठक करेंगे।
पंजीकृत ट्रैक्टरों का होगा सत्यापन
- परिवहन आयुक्त जोगा मुरैना में चंबल नदी के राजघाट पर पहुंचे। देवगढ़ नहर मार्ग सहित उन रास्तों का निरीक्षण किया, जहां से रेत का अवैध परिवहन होता है। आरटीओ चेकपोस्ट पर खड़े होकर बिना नंबर के वाहनों की चेकिंग करवाई। इस दौरान बिना नंबर के तीन-चार वाहन पकड़े गए। मुरैना में कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़, एसपी धर्मराम मीना, डीएफओ हरीशचंद्र बघेल, खनिज अधिकारी व आरटीओ के साथ बैठक में कहा कि बिना नंबर के ट्रैक्टर-ट्राली ही अवैध रेत के परिवहन में लिप्त हैं।
- इस पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए मुरैना आरटीओ की टीम परिवहन विभाग में पंजीकृत ट्रैक्टर-ट्रालियां का सत्यापन कराकर उनमें जीपीएस लगवाए और बिना नंबर के ट्रैक्टर-ट्राली पर जब्ती की कार्रवाई करें। रेत परिवहन में लिप्त चोरी के वाहनों को राजसात करें। ग्वालियर, मुरैना और श्योपुर में 35000 ट्रैक्टर पंजीकृत हैं। विभाग यह छंटनी करेगा कि इनमें कितने ट्रैक्टर रेत के परिवहन में लगे हुए हैं।
अधिकारियों की तैनाती बढ़ी अब कोई ढिलाई न हो परिवहन
आयुक्त ने कहा कि मुरैना में परिवहन विभाग के आधा दर्जन अधिकारी और करीब 45 आरक्षक पदस्थ किए गए हैं, ताकि कार्रवाई के लिए अमले की कमी न हो। इसलिए अब ढिलाई न बरतें। प्रशासन, वन, परिवहन तीनों विभागों का आपसी तालमेल जरूरी है, इसको लेकर विभाग आपसी कार्ययोजना बनाएं जिससे एक साथ संयुक्त व प्रभावी कार्रवाई हो।
