अमरनाथ यात्रा से पहले ग्वालियर की सेवा समिति ने बालटाल में भंडारे की तैयारियां शुरू कर दी हैं। यात्रियों को घोंटा आलू, डोसा, ढोकला, चाट सहित कई व्यंजन …और पढ़ें

HighLights
- तीन जुलाई से शुरू होगी बाबा अमरनाथ यात्रा इसबार।
- बालटाल में पांचवें वर्ष लगाया जाएगा विशाल भंडारा सेवा।
- घोंटा आलू, पूड़ी, मालपुआ यात्रियों को विशेष आकर्षित करेंगे।
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। बाबा अमरनाथ यात्रा को शुरू होने में अब केवल एक माह का समय शेष रह गया है। तीन जुलाई से यात्रा शुरू हो जाएगी। प्रतिवर्ष बालटाल में लंगर (भंडारा) शुरू कर बाबा के भक्तों की सेवा करने वाली श्री बाबा बर्फानी हर-हर महादेव सेवा समिति ने दानदाताओं से खाद्य सामग्री जुटाना शुरू कर दी है।
इस बार भक्तों को अंचल के प्रसिद्ध घोटा आलू, कद्दू और मैथीदाने के साथ दक्षिण और गुजराती व्यंजनों को परोसा जाएगा। इसके साथ ही गोधूलि बेला में यात्री चाट का आनंद उठा सकेंगे। भंडारे के लिए 20 सदस्यीय टीम 26 जून को श्याम लहारिया के नेतृत्व में रवाना होगी। जो कि टीनशेट के साथ सप्ताहभर में लंगर की रसोई तैयार करेगी। समिति के पदाधिकारियों का दावा है कि अमरनाथ यात्रा को लेकर स्थानीय नागरिकों में काफी उत्साह है। इस बार टीनशेड भी नया होगा और लंगर स्थल पर यात्रियों को आकर्षित करने के लिए बाबा अमरनाथ की सुंदर झांकी सजेगी।
समिति के सचिव पन्नालाल गौड़ ने बताया कि यह पांचवां भंडारा है। भंडारा स्थल पर खाने-पीने की व्यवस्था के अलावा मेडिकल संबंधित सेवाएं, कंट्रोल रूम, क्लाक रूम के सुविधा में निश्शुल्क होगी। ताकि यात्रियों को बालटाल पहुंचने के बाद किसी प्रकार की परेशानी न हो। ग्वालियर-चंबल अंचल से नहीं समूचे देश से अमरनाथ भक्त भंडारों का आयोजन करते हैं।
इन लंगरों में अमरनाथ यात्रियों को तरह-तरह के व्यंजन परोसने की होड़ रहती है। समिति के भंडारे में घोंटा आलू-पूड़ी, मालपुआ, खीर और नाश्ते में पोहा, जलेबी, बेडई का जायका यात्रियों को अधिक आकर्षित करता है। प्रतिदिन अनुमानित एक हजार से अधिक यात्री भंडारे का लाभ उठाते हैं।
इडली-डोसा और ढोकला के साथ भंडारे में पानी पूरी भी मिलेगी
- संयुक्त अध्यक्ष लोकेश शर्मा ने बताया कि भंडारे का प्रतिदिन अलग-अलग तरह के व्यंजन परोसे जाते हैं। भोज में राजमा चावल, छोले, कढ़ी, दाल चपाती, पूड़ी के अलावा दक्षिण व्यंजनों में डोसा, इडली, गुजराती व्यंजन में ढोकला और खमण दिया जाता है। पिज्जा-बर्गर, पानी पूरी, डोसा, समोसे, फ्रूट चाट, केसर दूध भी यात्रियों को दिया जाता है। इसके साथ ही सूजी व मूंग की दाल का हलवा, इमरती मिष्ठान में दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इन व्यंजनों को बनाने के लिए हलवाइयों की टीम साथ ले जाते हैं।
- भंडारा प्रबंधक दिलीप यादव एवं राजेश सिकरवार, सुनील शिवहरे ने बताया कि लंगर हेतु राशन सामग्री एवं कच्चा सामान शहरवासियों द्वारा उपलब्ध करवाया जाता है, जिसके बाद उसे ट्रक के माध्यम से कश्मीर के लिए रवाना किया जाता है, इस वर्ष राशन सामग्री का ट्रक 26 जून को विधिवत पूजन के बाद रवाना होगा।
- समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि यात्री कनवाई के रूप में बाबा अमरनाथ यात्रा के दर्शन करने के लिए जाते हैं। कनवाई सुबह पांच बजे से शुरू होती है और दोपहर तीन बजे जो कनवाई जहां होती है, उसे वहां रूक दिया जाता है। इसलिए सुबह का नाश्ता पांच बजे से पहले तैयार कर स्टाल सजा दिया जाता है। दोपहर के भोजन में 200 से 300 लोग ही प्रसादी पाते हैं। दोपहर तीन बजे से चाट का स्टाल शुरू हो जाता है। जो कि रात सात बजे तक चलता है। उसके बाद रात्रि प्रसादी का स्टाल सजा दिया जाता है। यात्री बाबा अमरनाथ और हर-हर महादेव के जयकारे लगाते हुए प्रसादी ग्रहण करते हैं।
