यदि पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से लिया होता, तो बच्ची की जान बचाई जा सकती थी। …और पढ़ें

HighLights
- क्राइम सीन रीक्रिएशन से खुला राज
- पुलिस की लापरवाही पड़ी भारी
- हत्या के बाद नदी में लाश फेंकने का था प्लान
डिजिटल डेस्क, ग्वालियर। सिरोल थाना क्षेत्र में एक बच्ची की मौत की गुत्थी सुलझ गई है। सोतेले पिता ने दीवार फांदकर घर में घुसकर बच्ची को तेज थप्पड़ मारा, जिससे वह जमीन पर गिर गई और उसके जबड़े में चोट आई। इसके बाद पिता ने बच्ची का गला दबाकर उसे साड़ी से फांसी पर लटका दिया। घटना के समय पत्नी को दिखाकर उसने शव को नदी में फेंकने की योजना बनाई।
पुलिस ने मामले की जांच के दौरान विशेषज्ञों के साथ घटना का रीक्रिएशन किया, जिसमें बच्ची के फांसी लगाने की पुष्टि नहीं हुई। मृतका की मां और बहन ने भी पिता द्वारा धमकाए जाने की बात बताई। बच्ची के गायब होने के बाद पिता ने सिरोल थाने में सूचना दी, लेकिन पुलिस कर्मी ने उसे टाल दिया और रात में तलाश करने की सलाह दी। यदि पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से लिया होता, तो बच्ची की जान बचाई जा सकती थी। मामले की लापरवाही के लिए पुलिस कर्मी पर जांच की जा रही है।
थाने पर मौजूद स्टाफ ने टाल दिया
बच्ची के पिता से से पूछताछ में यह भी स्पष्ट हुआ है कि बच्ची के घर से गायब होने के बाद पिता सीधे सिरोल थाने पहुंचा था और बच्ची के गायब होने की सूचना दी थी। थाने पर मौजूद पुलिस कर्मी ने पिता से रात में आसपास तलाशने और सुबह थाने आने की बात बोलकर टाल दिया। पुलिस कर्मी ने यह बात किसी अधिकारी को भी नहीं बताई। इसके बाद दोनों पति-पत्नी व बच्चे उसकी तलाश में निकली और रात 2.36 बजे घर पहुंचे और पिता ने घटना को अंजाम दे दिया।
