साल में दो बार गिद्वों की गणना की जाती है। …और पढ़ें

Publish Date: Sun, 24 May 2026 01:57:03 PM (IST)Updated Date: Sun, 24 May 2026 01:57:43 PM (IST)

ग्वालियर में 266 गिद्व मिले, फरवरी में 294 थे जो घटे वे थे प्रवासी
सोशल मीडिया

HighLights

  1. प्रदेश में गिद्व गणना के तहत ग्वालियर जिले में पूरा हुआ काम
  2. मध्य प्रदेश में 14 हजार के पार जा सकती है संख्या
  3. ऑनलाइन ऐप से हुई मॉनिटरिंग

नईदुनिया प्रतिनिधि,ग्वालियर। ग्वालियर जिले में 266 गिद्व मौजूद हैं। प्रदेशभर में चल रही गिद्व गणना के तहत ग्वालियर में प्रक्रिया पूरी कर ली गई है जिसमें यह संख्या सामने आई है। रविवार को आंकड़ों को वन विभाग की ओर से फाइनल किया गया। इसी साल फरवरी में गिद्व गणना में 294 आंकड़ा सामने आया था जिसमें प्रवासी गिद्व भी शामिल थे। प्रवासी गिद्वों के चले जाने के बाद अब संख्या 266 सामने आई। 22 मई की स्थिति में 219 गिद्व थे और 24 मई तक गणना पूरी हो गई।

डीएफओ मुकेश पटेल ने बताया कि साल में दो बार गिद्वों की गणना की जाती है। वन विभाग की ओर से गणना का काम पूरा कर लिया गया है। मध्यप्रदेश में ऑनलाइन एप के जरिए गिद्धों की गिनती की जा रही है। वहीं बता दें कि प्रदेश में प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार गिद्धों की संख्या 14 हजार के पार पहुंचने का अनुमान है।

ऐसे होती है गणना

गिद्धों की गणना के लिए गणनाकर्मी एवं स्वयंसेवक सूर्योदय के तत्काल बाद प्रथम चरण में चयनित गिद्धों के घोंसलों के समीप पहुंच जाते हैं। फिर घोंसलों के आसपास बैठे गिद्धों एवं उनके नवजातों की गणना कर एप में उसकी जानकारी दर्ज करते हैं। गणना के दौरान इस बात का ध्यान रखा जाता है कि केवल आवास/विश्राम स्थलों पर बैठे हुए गिद्धों को ही गणना में लिया जाए। उड़ते हुए गिद्धों को गणना में नहीं लिया जाता है।



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