चिकित्सकों का मानना है कि अत्यधिक तापमान और वायरल अटैक के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो रही है। …और पढ़ें

HighLights
- जेएएच, जिला अस्पताल की ओपीडी में पहुंच रहे मरीज
- मरीजों की संख्या ने बढ़ाई डॉक्टरों की चिंता
- समय पर इलाज और सावधानी ही बचाव
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। तपती गर्मी और लू के लगातार बढ़ते असर ने लोगों की सेहत पर गंभीर प्रभाव डालना शुरू कर दिया है। इस बार गर्मी सिर्फ डिहाइड्रेशन तक सीमित नहीं है, बल्कि शरीर के अहम अंगों पर भी सीधा असर डाल रही है। जेएएच और जिला अस्पताल की ओपीडी में सामने आ रहे मरीजों ने डाक्टरों की चिंता बढ़ा दी है।
डाक्टरों के अनुसार अस्पताल पहुंच रहे वायरल इंफेक्शन के करीब 30 प्रतिशत मरीजों में प्लेटलेट्स कम होने की समस्या सामने आ रही है। आमतौर पर प्लेटलेट्स गिरने को डेंगू या मलेरिया से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन इस बार तेज गर्मी के कारण होने वाले वायरल संक्रमण में भी यही स्थिति देखने को मिल रही है। चिकित्सकों का मानना है कि अत्यधिक तापमान और वायरल अटैक के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो रही है, जिससे ब्लड काउंट प्रभावित हो रहा है।
डिहाइड्रेशन से किडनी पर असर
गर्मी के चलते शरीर में पानी की भारी कमी भी लोगों के लिए खतरनाक साबित हो रही है। अस्पतालों में आने वाले तीन से पांच प्रतिशत मरीजों में किडनी संबंधी दिक्कतें सामने आ रही हैं। डाक्टरों के मुताबिक डिहाइड्रेशन की वजह से मरीजों का क्रिएटिनिन स्तर बढ़ रहा है, जो किडनी पर दबाव का संकेत है।
लापरवाही पड़ सकती है भारी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी में लगातार बाहर रहना, पर्याप्त पानी न पीना और खानपान में लापरवाही शरीर को तेजी से बीमार बना रही है। खासतौर पर बुजुर्ग, बच्चे और पहले से बीमार लोग ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
समय पर इलाज से मिल रही राहत
राहत की बात यह है कि समय पर जांच और उपचार मिलने से अधिकांश मरीज तेजी से स्वस्थ हो रहे हैं। डाक्टर लोगों को सलाह दे रहे हैं कि तेज धूप में बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लें तथा वायरल लक्षण या कमजोरी महसूस होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।
अस्पताल की ओपीडी में डायरिया, डिहाइड्रेशन, बुखार के साथ किडनी की समस्या के मरीज पहुंच रहें हैं। वायरल इंफेक्शन के कारण मरीजों में प्लेटलेट्स कम की शिकायत हो रही है। वहीं डिहाइड्रेशन से किडनी पर असर के मामले भी सामने आ रहे हैं।- डा. मुकेश सिंह तोमर, मेडिसिन विशेषज्ञ, जिला अस्पताल
