ग्वालियर में गलत ईसीजी रिपोर्ट से इलाज, हार्ट मरीज की मौत, परिजन न्याय मांग रहे, जिम्मेदार अधिकारी अनुपस्थित, जांच शुरू नहीं। …और पढ़ें

HighLights
- गलत ईसीजी रिपोर्ट के आधार पर मरीज का इलाज शुरू किया
- हार्ट मरीज को गलती से न्यूरोलाजी विभाग भेज दिया
- इलाज में लापरवाही से 53 वर्षीय व्यक्ति की मौत
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। जयारोग्य चिकित्सालय समूह के आकस्मिक उपचार केंद्र में डाक्टर और स्टाफ की लापरवाही ने एक परिवार का मुखिया छीन लिया। 53 वर्षीय दिलीप जाधव की मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। बुधवार को मृतक की बेटी रागिनी जाधव न्याय की गुहार लेकर अस्पताल अधीक्षक के पास पहुंचीं, लेकिन जिम्मेदारों की अनुपस्थिति के कारण जांच की प्रक्रिया भी शुरू नहीं हो सकी है।
घटना 18 अप्रैल की है, जब गुढ़ा निवासी दिलीप जाधव को सीने में दर्द और घबराहट के कारण जेएएच लाया गया था। डाक्टरों ने उन्हें भर्ती कर ईसीजी कराई। शर्मसार करने वाली बात यह रही कि दिलीप का उपचार जिस ईसीजी रिपोर्ट के आधार पर शुरू किया गया, वह ‘पुष्पा’ नामक किसी महिला की थी। ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों ने रिपोर्ट पर लिखे नाम और जेंडर का मिलान करने तक की जहमत नहीं उठाई।
गलत डायग्नोसिस: हार्ट पेशेंट को भेजा न्यूरोलाजी
अस्पताल की लापरवाही यहीं नहीं रुकी। जब गलत इलाज के कारण दिलीप की हालत बिगड़ने लगी, तो उन्हें तत्काल हृदय रोग विभाग भेजने के बजाय न्यूरोलाजी विभाग रेफर कर दिया गया। जब तक परिजन उन्हें न्यूरोलाजी लेकर पहुंचे, तब तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी। वहां मौजूद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
शिकायत लेकर भटक रहे स्वजन, जिम्मेदार नदारद
बुधवार को मृतक की बेटी रागिनी जाधव अस्पताल अधीक्षक डॉ. सुधीर सक्सेना को लिखित शिकायत देने पहुंची थीं, जिससे दोषी डॉक्टरों और स्टाफ पर कार्रवाई हो सके। उन्हें बताया गया कि अधीक्षक भोपाल में हैं। वहीं, गजराराज मेडिकल कॉलेज के डीन भी शहर से बाहर बताए गए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों की गैर-मौजूदगी के चलते इस संवेदनशील मामले में अब तक जांच कमेटी का गठन नहीं हो पाया है।
