ग्वालियर में दो साल पहले कुत्ते के काटने के बाद युवक में रेबीज लक्षण, डॉक्टर चिंतित, समय पर वैक्सीन जरूरी। …और पढ़ें

HighLights
- दो साल बाद युवक में रेबीज के खतरनाक लक्षण दिखे
- कुत्ते के काटने के बाद वैक्सीन लेने के बावजूद संक्रमण
- जेएएच अस्पताल में युवक का इलाज जारी डॉक्टर सतर्क
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। रेबीज को सबसे खतरनाक संक्रमणों में से एक माना जाता है, जिसका ताजा और डरावना मामला ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल समूह के हजार बिस्तर अस्पताल में सामने आया है। यहां मुरैना जिले के सबलगढ़ निवासी 21 वर्षीय सूरज बघेल को भर्ती कराया गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि सूरज को कुत्ते ने आज नहीं, बल्कि पूरे दो साल पहले काटा था।
परिजन ने बताया कि दो साल पहले सूरज ग्वालियर में रह रहा था। उसे एक आवारा कुत्ते ने काट लिया था। युवक ने तुरंत एक निजी डॉक्टर से परामर्श कर एंटी रेबीज वैक्सीन के डोज भी लगवाए थे। परिजन का दावा है कि कोर्स पूरा होने के बाद वे निश्चिंत हो गए थे, लेकिन दो साल बाद अचानक युवक के शरीर में रेबीज के लक्षण उभरने लगे। उसकी स्थिति बिगड़ गई।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
रेबीज के इस दुर्लभ और विलंबित मामले ने डॉक्टरों को भी चिंता में डाल दिया है। जेएएच के मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डा. संजय धवले ने पुष्टि की है कि मरीज में रेबीज संक्रमण के लक्षण हैं। उसका इलाज चल रहा है।
हजार बिस्तर अस्पताल पहुंचे 76 डाग बाइट केस
कुत्तों के काटने की घटनाएं थम नहीं रही हैं। बुधवार को 76 डाग बाइट के केस हजार बिस्तर अस्पताल के पीएसएम विभाग में एआरवी लगवाने पहुंचे।
72 घंटे में एआरवी लगवाएं : डॉ मिश्रा
- जेएएच के पीएसएम विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ अशोक मिश्रा ने बताया कि अगर किसी भी व्यक्ति को रेबीज संक्रमित किसी जानवर ने काट लिया है, तो उसे 72 घंटे के भीतर वैक्सीन की पहली डोज अवश्य ले लेनी चाहिए। इसमें लापरवाही न बरतें। देर करने पर रेबीज के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
