ग्वालियर स्मार्ट सिटी के थीम पार्क को ठेकेदार ने निजी अम्यूजमेंट पार्क में बदल दिया। महंगे पैकेज वसूले जा रहे हैं, जबकि कार्पोरेशन को तय राजस्व भी नही …और पढ़ें

HighLights
- थीम पार्क को निजी फ्लोरा वर्ल्ड अम्यूजमेंट पार्क में बदला गया।
- आम जनता के लिए पार्क में प्रवेश अब महंगा हो गया।
- ठेकेदार ने स्मार्ट सिटी को तय 35 लाख नहीं चुकाए।
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। स्मार्ट सिटी कॉर्पोरेशन की लापरवाही और इंजीनियरों की अनदेखी के चलते कटारे फार्म स्थित थीम पार्क अब आम जनता के मनोरंजन का केंद्र बनने के बजाय निजी कमाई का जरिया बनता जा रहा है। करीब 20 वर्षों के लिए संचालन एवं संधारण (ओएंडएम) पर दिए गए इस पार्क को ठेकेदार ने ‘फ्लोरा वर्ल्ड’ नामक निजी अम्यूजमेंट पार्क में बदल दिया है।
स्थिति यह है कि जिस पार्क में आम नागरिकों को 30 से 40 रुपये के मामूली शुल्क में प्रवेश मिलना चाहिए था, वहां अब 599 रुपये से लेकर 1199 रुपये तक के पैकेज बेचे जा रहे हैं। इतना ही नहीं, स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन को हर वर्ष दिए जाने वाले 35 लाख रुपये के राजस्व का भुगतान भी अब तक नहीं किया गया है। मामले के सामने आने के बाद कार्पोरेशन ने ठेकेदार को नोटिस जारी किया है।
ओएंडएम के नाम पर बदली गई पूरी अवधारणा
- स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन ने मैसर्स प्रेग्मेटिक कंस्ट्रक्शन कंपनी को थीम पार्क के संचालन और रखरखाव का ठेका दिया था। टेंडर की शर्तों के अनुसार कंपनी को पार्क के भीतर सीमित खुली भूमि पर अस्थायी गतिविधियां संचालित करने की अनुमति थी। इसके बदले में कंपनी को हर वर्ष 35 लाख रुपये कार्पोरेशन को जमा करने थे।
- लेकिन ठेकेदार ने केवल निर्धारित क्षेत्र तक सीमित रहने के बजाय पूरे पार्क की मूल अवधारणा ही बदल दी। पार्क के डिज्नी थीम आधारित हिस्से को एडवेंचर जोन और राइड्स एरिया में बदल दिया गया। जगह-जगह निजी गतिविधियां शुरू कर दी गईं और अब पूरे पार्क का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है।
जनता के लिए महंगा हुआ प्रवेश
- पार्क में सामान्य प्रवेश शुल्क 59 रुपये रखा गया है, लेकिन इसमें केवल घूमने की अनुमति मिलती है। किसी भी राइड या एक्टिविटी का लाभ लेने के लिए अलग से शुल्क देना पड़ता है। बच्चों और परिवारों के लिए विभिन्न पैकेज तैयार किए गए हैं, जिनकी कीमतें 599 रुपये से 1199 रुपये तक हैं।
- 599 रुपये के पैकेज में बच्चों को विभिन्न राइड्स, बैटरी बाइक, कार और ट्रेंपोलिन जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। वहीं 699 रुपये के पैकेज में आर्टिफिशियल बीच का आनंद भी शामिल किया गया है। सबसे महंगे 1199 रुपये वाले पैकेज में सभी राइड्स और बीच एंट्री उपलब्ध कराई जा रही है।
राजस्व जमा नहीं, सिफारिशों का सहारा
- जानकारी के अनुसार ठेकेदार को अप्रैल माह में ही 35 लाख रुपये की वार्षिक राशि स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन को जमा करनी थी, लेकिन अब तक भुगतान नहीं किया गया है। इसके बावजूद पार्क का बड़े स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्मों पर फ्लोरा वर्ल्ड के विज्ञापन और प्रमोशनल वीडियो लगातार प्रसारित किए जा रहे हैं।
- सूत्रों के अनुसार बकाया राशि जमा करने के बजाय ठेकेदार राजनीतिक सिफारिशों के जरिए मामला दबाने की कोशिश कर रहा है। गत 17 मई को विधानसभा अध्यक्ष Narendra Singh Tomar के पुत्र रामू तोमर से इस अम्यूजमेंट पार्क का उद्घाटन भी कराया गया।
अब मिनी वाटर पार्क बनाने की तैयारी
- फ्लोरा वर्ल्ड के नाम पर निजी कमाई बढ़ाने के लिए अब यहां बड़ों के लिए मिनी वाटर पार्क विकसित करने की योजना भी बनाई जा रही है। प्रस्तावित योजना के तहत स्वीमिंग पूल, वेव पूल और स्लाइडिंग राइड्स तैयार की जाएंगी। इसके बाद वयस्कों के लिए भी अलग-अलग महंगे पैकेज लॉन्च किए जाएंगे।
- इस पूरी परियोजना के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकारी धन से विकसित किए गए सार्वजनिक पार्क का लाभ आखिर आम नागरिकों को कब मिलेगा। फिलहाल स्थिति यह है कि यह पार्क आम लोगों की पहुंच से दूर होता जा रहा है और स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन की निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
