नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। गर्मी और रिकॉर्ड तोड़ तापमान से जूझ रहे ग्वालियर सहित पूरे चंबल अंचल के लिए मौसम विभाग से एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। इस बार अंचलवासियों को मानसून की फुहारों के लिए थोड़ा लंबा इंतजार करना पड़ेगा। अल नीनो के वैश्विक प्रभाव के कारण इस वर्ष मानसून केरल के तट पर अपनी निर्धारित तिथि से चार दिन की देरी से यानी चार जून को दस्तक देगा।
केरल में होने वाली इस देरी का सीधा असर मध्य प्रदेश पर भी पड़ेगा, जिसके चलते ग्वालियर-चंबल अंचल में मानसून अपने तय समय से 4 से 5 दिन की देरी से यानी 29 या 30 जून के आसपास पहुंचेगा। अमूमन अंचल में मानसून के आगमन की सामान्य तिथि 25 जून मानी जाती है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बार न केवल मानसून की एंट्री में देरी हो रही है, बल्कि मौसम आउटलुक के मुताबिक अंचल में इस सीजन में औसत से कम बारिश रहने की संभावना भी जताई गई है।
ग्वालियर में क्यों बदल रहा है मानसून का मिजाज
मौसम विज्ञानियों के शोध में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, जो पिछले 25 वर्षों में भारतीय मानसून के बदलते स्वरूप को दर्शाता है। अध्ययन के मुताबिक, अटलांटिक महासागर के दक्षिणी ग्रीनलैंड क्षेत्र में जमा हो रहा अत्यधिक ठंडा पानी जिसे वैज्ञानिक भाषा में कोल्ड ब्लाब कहा जाता है, भारतीय मानसून को सीधे प्रभावित कर रहा है।
यह कोल्ड ब्लाब वैश्विक जेट स्ट्रीम की दिशा को बदल देता है, जिसके कारण समुद्र से उठने वाली नमी और मानसूनी हवाएं तेजी से उत्तर-पश्चिम भारत जिसमें ग्वालियर-चंबल और राजस्थान के इलाके शामिल हैं, की ओर खिंची चली आती हैं।
यही वजह है कि पिछले ढाई दशकों में देश के अन्य हिस्सों में जहां सूखे का खतरा बढ़ा है, वहीं उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ क्षेत्र में मानसून के पैटर्न में अप्रत्याशित बदलाव और वर्षा की तीव्रता देखी जा रही है। मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल के वैज्ञानिक डा. अरुण शर्मा के मुताबिक चार जून को मानसून केरल के तट से टकराने की संभावना है। ऐसे में ग्वालियर चंबल क्षेत्र तक मानसून चार से पांच दिन देरी से ही आएगा।
मानसून में देरी का असर फसल से लेकर जनजीवन तक
मानसून के आने में देरी का असर अंचल की खरीफ की फसल से लेकर जनजीवन पर भी पड़ेगा। क्योंकि मानसून के देरी से आने से फसलों की बुवाई से लेकर उनकी बढ़ोतरी प्रभावित होगी। साथ ही वर्षा न होने से गर्मी व उमस रहेगी, जिससे जनजीवन भी प्रभावित होगा।
तापमान बढ़ने के साथ बढ़ी उमस वाली गर्मी
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। अंचल के तापमान में मंगलवार की तुलना में बुधवार को बढ़ोतरी हुई। रात के तापमान में 1.6 डिसे की बढ़ोतरी हुई और 27 डिसे पर पहुंच गया। दिन के तापमान में 1.9 डिसे की बढ़ोतरी हुई और 38 डिसे पर पहुंच गया। मौसम विभाग के मुताबिक वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ सहित कई सिस्टम बने हुए हैं, जिनकी वजह से अंचल के ऊपर बादल हैं और छह जून तक कहीं कहीं तेज हवा के साथ वर्षा हो सकती है।
पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण से बदलेगा मौसम का मिजाज
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ तथा देश के विभिन्न हिस्सों में बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण मौसम का मिजाज बदल रहा है। तीन जून से एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम को प्रभावित कर सकता है।
ग्वालियर चंबल में छह जून तक मौसम में बदलाव जारी रहेगा। इस दौरान आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और दोपहर या शाम के समय आंधी पानी आने की आशंका है। कई इलाकों में हल्की वर्षा हो सकती है। हवा 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं। बादलों और बीच-बीच में होने वाली वर्षा के कारण फिलहाल तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहने की संभावना है।
पारे की चाल
अधिकतम तापमान-38.9 डिसे
न्यूनतम तापमान-27.0 डिसे
05:30-27.4 डिसे
08:30-29.4 डिसे
11:30-35.6 डिसे
14:30-37.8 डिसे
17:30-37.8 डिसे
