सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने ग्वालियर के वरिष्ठ अधिवक्ता अमित लाहोटी को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की। मंजूरी के बाद नियु …और पढ़ें

Publish Date: Thu, 04 Jun 2026 08:17:27 AM (IST)Updated Date: Thu, 04 Jun 2026 08:17:27 AM (IST)

गुना से शुरू हुआ सफर, अब हाई कोर्ट जज बनने की दहलीज पर पहुंचे अमित लाहोटी
ग्वालियर के अधिवक्ता अमित लाहोटी के नाम की न्यायाधीश पद पर नियुक्ति के लिए अनुशंसा।

HighLights

  1. कॉलेजियम ने अमित लाहोटी के नाम की सिफारिश की।
  2. केंद्र की मंजूरी बाद नियुक्ति होगी औपचारिक रूप से।
  3. 2003 में गुना से वकालत करियर शुरू किया।

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने ग्वालियर के वरिष्ठ अधिवक्ता अमित लाहोटी के नाम की न्यायाधीश पद पर नियुक्ति के लिए अनुशंसा की है। अब यह प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास विचारार्थ जाएगा। केंद्र की मंजूरी और राष्ट्रपति की अधिसूचना जारी होने के बाद उनकी नियुक्ति औपचारिक रूप से प्रभावी होगी और शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा।

गुना से की करियर की शुरुआत

  • अधिवक्ता अमित लाहोटी ने अपने विधिक करियर की शुरुआत साल 2003 में गुना से की। अगस्त 2004 में वे ग्वालियर चले गए और वहां वर्तमान सुप्रीम कोर्ट जज न्यायमूर्ति जेके माहेश्वरी (तत्कालीन अधिवक्ता) के मार्गदर्शन में प्रैक्टिस करने लगे।
  • एडवोकेट जेके माहेश्वरी के हाई कोर्ट जज बनने के बाद अमित लाहोटी ने स्वतंत्र रूप से वकालत शुरू की। वे मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर, जबलपुर और इंदौर तीनों बेंचों में नियमित रूप से पैरवी करते आ रहे हैं। हाई कोर्ट में लंबे समय से लंबित मामलों के बढ़ते बोझ के बीच यह सिफारिश विशेष महत्व रखती है। न्यायिक हलकों में इसे सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

कानूनी विशेषज्ञों ने सराहा कदम

  • कानूनी विशेषज्ञों ने कहा कि प्रत्येक नए न्यायाधीश की नियुक्ति से लंबित मामलों के निराकरण में गति आती है। कई विषयों से संबंधित प्रकरणों के शीघ्र सुनवाई की संभावना भी बढ़ती है। अमित लाहोटी मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के जाने-माने अधिवक्ताओं में गिने जाते हैं। संवैधानिक, दीवानी और प्रशासनिक मामलों में उनकी सक्रिय उपस्थिति रही है।
  • उनकी पेशेवर दक्षता और न्यायिक समझ को देखते हुए कालेजियम द्वारा उनके नाम पर सहमति बनाई गई है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में न्यायाधीशों के 53 पद स्वीकृत हैं। हालांकि समय-समय पर सेवानिवृत्ति, स्थानांतरण और नई नियुक्तियों की प्रक्रिया के कारण कार्यरत न्यायाधीशों की संख्या में उतार-चढ़ाव आता रहता है।
  • ऐसे में हर नई नियुक्ति न्यायिक व्यवस्था को मजबूती प्रदान करती है। न्यायालय में पर्याप्त संख्या में न्यायाधीश उपलब्ध होने से अधिक खंडपीठों का गठन, मामलों की नियमित सुनवाई और शीघ्र निर्णय संभव हो पाते हैं। अमित लाहोटी के नाम की अनुशंसा को इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जा रहा है।


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