मध्य प्रदेश में परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना और विकास को गति देने के उद्देश्य से राज्य शासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्य स्तरीय समिति का गठन किया है। यह समिति न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड), एनटीपीसी (एनटीपीसी लिमिटेड) तथा अन्य स्वतंत्र विद्युत उत्पादकों को परमाणु परियोजनाओं की स्थापना में आवश्यक सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान करेगी। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इस राज्य स्तरीय समिति की अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव, ऊर्जा विभाग करेंगे। इसके साथ ही नर्मदा घाटी विकास, जल संसाधन, वन, पर्यावरण, राजस्व और लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा संबंधित जिलों के कलेक्टर इस समिति के सदस्य होंगे। ऊर्जा विभाग के उप सचिव को सदस्य-संयोजक नामित किया गया है।
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परियोजनाओं के क्रियान्वयन में समन्वय की भूमिका
यह समिति राज्य में प्रस्तावित परमाणु परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभिन्न स्तरों पर समन्वय का कार्य करेगी। इसमें भूमि और जल की उपलब्धता के आधार पर आवंटन में सहायता, स्थानीय प्रशासन को मार्गदर्शन तथा परियोजना विकासकों को आवश्यक सहयोग प्रदान करना शामिल रहेगा।
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स्वीकृतियों और प्रक्रियाओं में सहायता
परियोजनाओं के सुचारू क्रियान्वयन के लिए समिति विभिन्न वैधानिक प्रक्रियाओं में भी सहयोग करेगी। इसमें सार्वजनिक सुनवाई, भूमि अधिग्रहण, वन स्वीकृति, पर्यावरणीय मंजूरी और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से संबंधित अनुमतियों की प्रक्रिया को सरल और समन्वित बनाने पर जोर दिया जाएगा। परियोजना विकासकों द्वारा समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट समिति के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी, जिसके आधार पर आवश्यक प्रशासनिक सहायता प्रदान की जाएगी। साथ ही जिन मामलों में राज्य सरकार के हस्तक्षेप की आवश्यकता होगी, उनका निराकरण भी समिति के माध्यम से किया जाएगा।
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विकास और ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा कदम
राज्य सरकार का यह निर्णय प्रदेश में ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ाने और बड़े निवेश को आकर्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे भविष्य में परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के विकास को गति मिलने की उम्मीद है।