इंदौर में देवी अहिल्या बाई होलकर का 301 वां जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। रविवार से आयोजनों का सिलसिला शुरू हो चुका है। 31 मई को शहर में अनेक स्थानों पर आयोजन होंगे। नगर निगम इसे इंदौर गौरव दिवस के रूप में भी मना रहा है।

31 मई को देवी अहिल्या की राजवाड़ा स्थित प्रतिमा पर सुबह शहर के अनेक संगठन माल्यार्पण करेंगे और फिर शहर की सैकड़ों भजन मंडलियां, ढोलक दल, कला दल, बैंड वादक अहिल्या प्रतिमा उद्यान की तीन परिक्रमा करेंगे। इसके अलावा 108 जोड़े मल्हारी मार्तंड मंदिर में शिव अभिषेक करेंगे। चार नारी शक्तियों को देवी अहिल्या नगर गौरव सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।

रविवार को देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के सभागृह में इतिहासकार डॉ. गणेश शंकर मतकर लिखित महानाट्य ‘अष्टावनी अहिल्या’ का मंचन हुआ। अहिल्या नाट्य मंडल और सार्थक कला के 120 कलाकारों ने अहिल्या देवी के अनछुए इतिहास को प्रस्तुत किया। इस काव्य नाट्य के निर्देशक सुनील मतकर व सतीश मुंगरे थे।

 

सोमवार को राष्ट्र सेविका समिति की संस्थापक लक्ष्मीबाई केलकर के जीवन पर आधारित नाटक का मंचन किया गया। 28 मई को जाल सभागृह में चार महिलाओं को सम्मानित किया जाएगा। 31 मई को सुबह राजवाड़ा के मल्हारी मार्तंड मंदिर में श्री रामधार साधक न्यास के साधकों के साथ 108 जोड़े शंकरजी का अभिषेक कर राष्ट्र रक्षार्थ हवन कुंड में आहुतियां देंगे। शाम सात बजे अहिल्या देवी की महाआरती के साथ जन्मोत्सव का समापन होगा। इस दौरान वहां आतिशबाजी भी की जाएगी।



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