खजराना गणेश मंदिर के गर्भगृह के मुख्य द्वार की चौड़ाई बढ़ाई जा रही है। इसके अलावा गर्भगृह पर लगी चांदी की नक्काशी को भी साफ किया जा रहा है और उसकी प्लाई बदली गई है। निर्माण कार्य के दौरान धूल प्रतिमा तक न पहुंचे, इसके लिए प्रतिमा के आगे कांच की दीवार लगाई गई है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद उसे हटा दिया जाएगा।
गर्भगृह का द्वार छोटा होने के कारण ज्यादा लोग मूर्ति के दर्शन नहीं कर पाते थे, लेकिन अब एक साथ सैकड़ों भक्तों को बप्पा की झलक देखने को मिलेगी।दर्शन व्यवस्था प्रभावित न हो, इस कारण गेट की चौड़ाई बढ़ाने का काम रात के समय किया जा रहा है। नए द्वार को आकर्षक बनाया जा रहा है। मुख्य द्वार का काम पूरा करने के बाद गर्भगृह के सामने बने सभामंडप को भी नीचे करने का काम शुरू किया जाएगा। सभामंडप को करीब दो से ढाई फीट नीचे किया जाएगा, जिससे पीछे लाइन में आने वाले भक्तों को भगवान के दर्शन सुगमता से हो सकें।
अभी सभामंडप में भक्तों की भीड़ होने के कारण पीछे लाइन में आने वाले भक्तों को भगवान के दर्शन करने में कठिनाई होती है। इसे देखते हुए सभामंडप को नीचे किया जाएगा। इसके बाद दर्शन कॉरिडोर का काम किया जाएगा। गर्भगृह की चांदी की दीवार की चमक भी घिसाई कर बढ़ाई गई है।
गर्भगृह के गेट की चौड़ाई सिंहस्थ मेले को देखते हुए बढ़ाई जा रही है। उज्जैन जाने वाले लोग इंदौर भी आएंगे और खजराना गणेश मंदिर जाने वालों की संख्या भी तब हजारों में होगी।
