रायसेन जिले के बाड़ी क्षेत्र स्थित वक्फ बोर्ड की कथित 253 एकड़ जमीन के विवाद ने अब राजधानी भोपाल तक राजनीतिक और सामाजिक हलचल बढ़ा दी है। शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद ताजुल मस्जिद के बाहर ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के पदाधिकारियों और सदस्यों ने विरोध प्रदर्शन कर मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
जमीन सौदे पर उठाए सवाल
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और जमीनों के लेन-देन में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। उनका कहना है कि वक्फ की संपत्तियां समुदाय की धरोहर हैं और इनके संरक्षण की जिम्मेदारी संबंधित संस्थाओं की है, लेकिन कथित तौर पर इन संपत्तियों का दुरुपयोग किया गया।
भोपाल तक जुड़े होने का दावा
प्रदर्शन के दौरान ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के संरक्षक शमशुल हसन ने कहा कि बाड़ी की जमीन का मामला केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। उन्होंने दावा किया कि वक्फ संपत्तियों से जुड़े कई मामलों की कड़ियां राजधानी भोपाल तक जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस नेता इरफान दुर्रानी पर भी आरोप लगाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
वक्फ की जमीन समाज की अमानत
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वक्फ की जमीनें धार्मिक और सामाजिक उद्देश्यों के लिए सुरक्षित रखी जाती हैं। यदि इन संपत्तियों की खरीद-फरोख्त या उपयोग में नियमों का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदार लोगों को चिन्हित कर कार्रवाई की जानी चाहिए। उनका कहना था कि वक्फ संपत्तियों को निजी हितों के लिए इस्तेमाल करने के आरोप बेहद गंभीर हैं।
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मुख्यमंत्री से की सीबीआई जांच की मांग
कमेटी ने मुख्यमंत्री से पूरे प्रकरण की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि स्वतंत्र एजेंसी की जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित जमीन सौदे में किन लोगों की भूमिका रही और कहीं नियमों की अनदेखी तो नहीं की गई।
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मामले पर बढ़ सकता है सियासी दबाव
वक्फ की 253 एकड़ जमीन को लेकर उठे विवाद के बाद यह मामला अब राजनीतिक रंग भी लेने लगा है। मुस्लिम संगठनों के विरोध प्रदर्शन और जांच की मांग के बाद आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं।
