राजधानी भोपाल की शांत फिजा में एक बार फिर आतंकी गतिविधियों में लिप्त कट्टरपंथी के गिरफ्तार किए जाने के बाद आतंकी गतिविधियो के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हो रहा है। मध्यप्रदेश आतंक निरोधी दस्ता (एटीएस) ने भोपाल के पुराने शहर के काजी कैंप से मोहम्मद फराज को गिरफ्तार करने के बाद उसकी निशानदेही पर उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से नईम नाम के कट्टरपंथी को गिरफ्तार कर 16 जून तक की रिमांड पर लिया है। 

रिमांड पर चल रहे मोहम्मद फराज उर्फ खादिल से हुई पूछताछ के बाद चार राज्यों में स्लीपर सेल के जिहाद की जड़ें जमाने के प्रयास सामने आए हैं। फराज और नईम की गिरफ्तारी के बाद एमपी एटीएस ने राजस्थान एटीएस व एसटीएफ की मदद से राजस्थान के अलवर जिले के टप्पुकरा थाना क्षेत्र से शाकिर मेव नाम के संदिग्ध आतंकी को पकड़ा है। शाकिर मेव सेकंड हेड कमांडर की भूमिका में था और फराज के बाद साजिश में अहम भूमिका निभाता था। शाकिर मेव को 20 जून तक की रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। 

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खाड़ी देश में बैठे हैंडलर दे रहे थे डायरेक्शन

फराज की पूछताछ में कई चौकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। वह मध्यप्रदेश के बाहर भी अपना स्लीपर सेल खड़ा कर रहा था। इसके लिए उसे नईम और पाकिस्तान के साथ एक खाड़ी देश में बैठे हैंडलर डायरेक्शन दे रहे थे। फराज की पूछताछ के बाद एटीएस ने धार निवासी हाजी अहजर को गिरफ्तार किया है। एमपी एटीएस ने हरियाणा के नूंह से भी एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। वह भी फराज के संपर्क में कई महीनों से था और जिहादी नेटवर्क को स्थानीय स्तर पर खड़ा करने का प्रयास कर रहा था। हालांकि नूंह में हिरासत में लिए गए युवक की अधिकृत गिरफ्तारी अभी नहीं की है।

विदेशी फंडिंग और डिजिटल उपकरणों की जांच

एटीएस ने फराज और उसके नेटवर्क से जुड़े लोगों को हो रही विदेशी फंडिंग की भी बहुत गहनता से जांच कर रही है। इसी जांच में गिरोह का खुलासा हुआ है। वहीं उसके पास से बरामद मोबाइल व अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स गैजेट्स की जांच की जा रही है। मध्यप्रदेश में नेटवर्क खड़ा करने, गरीब और बैचलर युवकों का ब्रेनवॉश करने और सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथी सोच फैलाने का टास्क फराज को मिला था। फराज के संपर्क में अब तक करीब आधा दर्जन युवकों  के होने का पता चला है। पुलिस उन सभी युवकों की सोशल मीडिया प्रोफाइल खंगालने के साथ उनकी हर गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखे हुए है। टेलीग्राम-वाट्सएप ग्रुप से युवाओं को जोड़ने की कोशिश कर रहा था। शनिवार से ही उसका परिवार काजीकैंप स्थित मकान में ताला बंद कर फरार हो गया है। वहीं कॉलोनी की जिस क्लीनिक पर फराज काम करता था, उसमें भी शनिवार से ताला लटका हुआ है।



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