बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 अंतर्गत शहर में प्रस्तावित कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) प्लांट की परियोजना की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई। …और पढ़ें

Publish Date: Sat, 06 Jun 2026 11:07:22 AM (IST)Updated Date: Sat, 06 Jun 2026 11:12:11 AM (IST)

ग्वालियर में फिलहाल एक दिन छोड़कर नहीं मिलेगा पानी, एमआईसी की बैठक में पेयजल आपूर्ति का प्रस्ताव वापस
दिव्यांगजन पुनर्वास योजना को मिली मंजूरी

HighLights

  1. निगमायुक्त बोले- तिघरा में 85 दिन का पानी शेष
  2. महापौर ने कहा-लोगों को जागरूक करें
  3. दिव्यांगजन पुनर्वास योजना को मिली मंजूरी

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। तिघरा बांध के घटते जलस्तर को देखते हुए शहर में एक जुलाई से एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति के प्रस्ताव को मेयर इन काउंसिल के सदस्यों ने लौटा दिया। बैठक में निगमायुक्त संघ प्रिय ने बताया कि जल संसाधन विभाग द्वारा गत 27 मई को भेजे पत्र के मुताबिक तिघरा में सिर्फ 85 दिनों का पानी शेष है, जिससे हम सितंबर तक ही आपूर्ति कर सकेंगे।

इस पर महापौर डॉ. शोभा सिकरवार ने कहा कि एक जुलाई से एक दिन पहले फोन पर हमसे स्वीकृति ले लें। अभी इस प्रस्ताव को लौटा रहे हैं। निगमायुक्त ने कहा कि लोगों तक समय से संदेश पहुंच जाएगा, तो वो भी जागरूक होंगे। इस पर एमआइसी सदस्यों का कहना था कि जैसे आप अभी स्वच्छता अभियान चला रहे हैं, वैसे ही पानी बचाने की मुहिम शुरू करें।

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एमआइसी की बैठक में मौजूद महापौर डा. शोभा सिकरवार, एमआइसी सदस्य व निगम अधिकारी। नईदुनिया

बाल भवन स्थित टीएलसी में बैठक में समर्थ दिव्यांगजन पुनर्वास स्थानीय निधि योजना के प्रतिवेदन पर चर्चा उपरांत स्वीकृति प्रदान की गई। इस स्थानीय निधि योजना के अंतर्गत अब 40 प्रतिशत व उससे अधिक दिव्यांगों को भी मौलिक निधि से सहायता प्रदान की जा सकेगी। इसके लिए सभापति मनोज सिंह तोमर ने लगातार केंद्र व राज्य शासन को पत्राचार किए थे, जिसके बाद योजना के प्रविधानों को शिथिल किया गया है। अब परिषद में इस योजना को अंतिम स्वीकृति दी जाएगी।

बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 अंतर्गत शहर में प्रस्तावित कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) प्लांट की परियोजना की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अलावा कैप्टन रूपसिंह स्टेडियम परिसर में निर्मित बेंबू रेस्टोरेंट को 10 वर्ष के लिए मासिक लायसेंस शुल्क लगभग 2.46 लाख रुपये प्रतिमाह पर आवंटन के लिए प्राप्त आफर को भी स्वीकृत किया गया।

हालांकि एमआइसी सदस्य शकील खां मंसूरी ने शुरूआत में विरोध किया, लेकिन बाद में सहमति दे दी। बैठक में मेयर इन काउंसिल सदस्य अवधेश कौरव, नाथूराम ठेकेदार, गायत्री मंडेलिया, संध्या कुशवाह, उपासना यादव, लक्ष्मी गुर्जर, मोनिका शर्मा, विनोद यादव माठू, अपर आयुक्त टी. प्रतीक राव, प्रदीप तोमर सहित सभी विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

केबल खरीद की जांच में सहायक यंत्री को माना दोषी

बैठक के दौरान ही एमआइसी द्वारा विद्युत विभाग के अंतर्गत केबल खरीद की जांच के लिए गठित की गई समिति के संयोजक नाथूराम ठेकेदार ने अपना जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस जांच प्रतिवेदन में उन्होंने लिखा है कि विद्युत विभाग की सहायक यंत्री अभिलाषा बघेल ने केबल खरीद के प्रकरण के दस्तावेजों में हेरफेर की है। ऐसे में उनकी एक वर्ष की वेतनवृद्धि को संचयी प्रभाव से रोका जाए। हालांकि इस जांच प्रतिवेदन पर एमआइसी द्वारा आगे निर्णय लिया जाएगा। अंतिम निर्णय निगमायुक्त का ही मान्य होगा।

इन्हें भी दी गई स्वीकृति

  • मुख्यमंत्री अधोसंरचना चतुर्थ चरण अंतर्गत अटल द्वार से हीरा नगर तक डामरीकरण रोड निर्माण की पुनः निविदा आमंत्रण की स्वीकृति बावत् निगमायुक्त के प्रतिवेदन पर चर्चा उपरांत स्वीकृति प्रदान की गई।
  • इसके साथ ही द्वारिका नगर योजना के अंतर्गत ग्वालियर एवं पूर्व विधानसभा क्षेत्र की सात सड़कों को स्वीकृति प्रदान की गई।



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