चैंबर ऑफ कामर्स के संविधान के नियम 17.5 के मुताबिक चुनाव को एक बार ही टाला जा सकता है और कार्यकारिणी के कार्यकाल को बढ़ाया जा सकता है। …और पढ़ें

Publish Date: Fri, 05 Jun 2026 09:10:59 AM (IST)Updated Date: Fri, 05 Jun 2026 09:11:57 AM (IST)

चैंबर ऑफ कॉमर्स: संविधान बदलेगा या तय समय पर होगा चुनाव? 116 सदस्यों के आवेदन पर 12 जून को महामंथन
प्रतीकात्मक चित्र।

HighLights

  1. दोबारा कार्यकाल बढ़ाना मुमकिन नहीं
  2. समय पर चुनाव होने की उम्मीद
  3. समय पर चुनाव होने की उम्मीद

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। चैंबर ऑफ कामर्स ग्वालियर की असाधारण सभा की बैठक 12 जून को होगी। इस बैठक में 116 सदस्यों द्वारा चुनाव बढ़ाने के लिए दिए गए आवेदन पर चर्चा की जाएगी। हालांकि चैंबर पदाधिकारियों का कहना है कि असाधारण सभा की बैठक में भी चुनाव टलने की संभावना कम ही है, चुनाव 18 जुलाई तक ही होंगे। यह निर्णय गुरुवार को चैंबर ऑफ कामर्स की कार्यकारिणी की बैठक में लिया गया। बैठक में कार्यकारिणी के अध्यक्ष, मानसेवी सचिव सहित अन्य सभी पदाधिकारी मौजूद थे। सभी ने असाधारण सभा को बुलाने का निर्णय सर्वसम्मत रूप से लिया।

असाधारण सभा में पत्र होगा निरस्त, नहीं बढ़ेंगे चुनाव

चैंबर ऑफ कामर्स के संविधान के नियम 17.5 के मुताबिक चुनाव को एक बार ही टाला जा सकता है और कार्यकारिणी के कार्यकाल को बढ़ाया जा सकता है। चूंकि चैंबर आफ कामर्स की कार्यकारिणी पहले ही एक्सटेंशन ले चुकी है। नियमानुसार दोबारा कार्यकारिणी के कार्यकाल को नहीं बढ़ाया जा सकता। इसलिए असाधारण सभा की बैठक में 116 सदस्यों की चुनाव बढ़ाने की मांग के पत्र को निरस्त कर दिया जाएगा और चुनाव निर्धारित तिथि 18 जुलाई से पहले ही कराए जाएंगे।

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चैंबर ऑफ कामर्स की कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की गई। नईदुनिया

इसलिए बुलाई गई बैठक और लिया असाधारण सभा बुलाने का निर्णय

चैंबर के संविधान के नियमानुसार यदि 101 सदस्यों के हस्ताक्षरित सदस्यों का किसी मुद्दे पर पत्र आता है तो उस पर कार्यकारिणी कार्रवाई नहीं कर सकती। इसके लिए नियम 12.2 के तहत इसका निर्णय असाधारण सभा में ही हो सकता है। इसलिए जिन 116 सदस्यों के हस्ताक्षर से चुनाव बढ़ाने के लिए पत्र आया है। उसे कार्यकारिणी निरस्त नहीं कर सकती। इसलिए इस पर 12 जून को असाधारण सभा की बैठक में निर्णय लिया जाएगा।

संविधान में बदलाव कर बढ़ाया जा सकता है चुनाव

हालांकि चुनाव बढ़ाने का एक रास्ता है। वह यह है कि असाधारण सभा की बैठक में चैंबर के संविधान में बदलाव किया जाए और दो बार कार्यकारिणी के कार्यकाल को बढ़ाने के लिए लिखा जाए और रजिस्ट्रार पंजीयन से इसकी अनुमति ली जाए। लेकिन इस बिंदु को लेकर चैंबर के पदाधिकारी सहमत नहीं हैं और संस्था के संविधान में बदलाव नहीं करना चाहते।

इसलिए दिया गया चुनाव बढ़ाने का आवेदन : चैंबर से जुड़े लोगों का कहना है कि चुनाव बढ़ाने के लिए आवेदन इसलिए दिया गया जिससे मौजूदा पदाधिकारियों को कुछ और समय मिल सके। हालांकि आवेदन देने वालों को पता था कि चुनाव नहीं टलेंगे। फिर भी चुनाव की तैयारियों में समय लगेगा। इससे चुनाव 18 जुलाई तक के बाद ही हो पाएंगे, क्योंकि अभी तक न तो चुनाव की तिथि घोषित हुई है और न चुनाव अधिकारी की नियुक्ति भी नहीं हुई है।

इस बार रोचक होंगे चुनाव

  • चैंबर ऑफ कामर्स पर सत्तापक्ष वाले राजनीतिक दलों के दोनों दिग्गज अपने-अपने लोगों को पदाधिकारी बनवाना चाहते हैं। इससे चैंबर आफ कामर्स उनके कब्जे में रहे। खास बात यह है कि चुनाव में भाग लेने वाले दोनों ही हाउसों यानी व्हाइट हाउस व क्रिएटिव हाउस में दोनों ही दिग्गजों का समर्थन हैं। ऐसे में दोनों ही हाउस अंदर से बंटे हुए हैं। हालांकि व्हाइट हाउस ने तो अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं, लेकिन क्रिएटिव हाउस ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। हालांकि इस हाउस में भी उम्मीदवारी के लिए दोनों दिग्गजों के समर्थकों के बीच में खींचतान चल रही है।

चुनाव समय पर ही होंगे: नियमानुसार 101 सदस्यों के हस्ताक्षर वाले पत्र को कार्यकारिणी में निरस्त नहीं किया जा सकता। इसलिए असाधारण सभा को बुलाने का निर्णय लिया गया है। हालांकि असाधारण सभा में चुनाव तिथि बढ़ाने का निर्णय नही होगा, क्योंकि संस्था के संविधान में दूसरी बार कार्यकारिणी के कार्यकाल को बढ़ाने का प्रविधान नहीं है। इसलिए चुनाव समय पर ही होंगे। – डॉ. प्रवीण अग्रवाल, अध्यक्ष, चेंबर आफ कामर्स ग्वालियर।



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