राजधानी भोपाल से एक बेहद सनसनीखेज और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। शहर में धर्मांतरण, दुष्कर्म और लव-जिहाद जैसे दो बेहद संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल मामलों की मुख्य पीड़िता और एकमात्र प्रमुख गवाह रही 18 वर्षीय युवती की बड़े तालाब में डूबने से संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शुक्रवार सुबह वीआईपी रोड स्थित राजाभोज प्रतिमा के पास युवती का शव बरामद हुआ। तलैया पुलिस शुरुआती तौर पर इसे आत्महत्या का मामला मान रही है, वहीं मृतका के परिजनों और उसके अधिवक्ता ने इसे सुनियोजित साजिश और हत्या करार दिया है।

दबाव, धमकियां और गवाही न देने का खौफ


घटना के तुरंत बाद मृतका की भाभी और उनके अधिवक्ता देवेंद्र रावत ने आरोप लगाया कि आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही आरोपी पक्ष के लोग लगातार युवती और उसके परिवार पर केस वापस लेने और अदालत में गवाही न देने का दबाव बना रहे थे। युवती को लगातार अज्ञात नंबरों से फोन कर डराया-धमकाया जा रहा था। कोर्ट में बयान न बदलने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी जा रही थीं। परिजनों के अनुसार इसी मानसिक दबाव और भय के कारण युवती पिछली कुछ सुनवाइयों में पेश होने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही थी। परिवार का कहना है कि गवाही रोकने के लिए युवती को रास्ते से हटाया गया और इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की जा रही है।

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रहस्यमयी फोन कॉल और तालाब में छलांग


प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बैरागढ़ थाना क्षेत्र की रहने वाली युवती शुक्रवार सुबह अपने दो दोस्तों गीतांजलि और सूरज के साथ स्कूटी से वीआईपी रोड घूमने गई थी। सुबह तीनों ने अपनी स्कूटी राजाभोज प्रतिमा के सामने खड़ी की। इसके बाद सूरज और गीतांजलि कुछ दूरी पर टहलने लगे, जबकि युवती फुटपाथ पर खड़ी होकर किसी को लगातार फोन लगा रही थी।

बताया जा रहा है कि वह किसी नंबर पर बार-बार कॉल कर रही थी, लेकिन दूसरी तरफ से फोन रिसीव नहीं हो रहा था। इसी दौरान युवती ने शीतला माता मंदिर के पास लगी लोहे की सुरक्षा रेलिंग पार की और सीधे बड़े तालाब में छलांग लगा दी। दोस्तों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची तलैया थाना पुलिस और गोताखोरों की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर युवती को पानी से बाहर निकाला और हमीदिया अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस के मुताबिक युवती जिस नंबर पर कॉल कर रही थी, वह अरसलान नाम के युवक का है। उससे पूछताछ की तैयारी की जा रही है।

अप्रैल 2025 में दर्ज कराया था लव-जिहाद और धर्मांतरण का केस


पुलिस के अनुसार 18 वर्षीय पीड़िता ने अप्रैल 2025 में श्यामला हिल्स थाने में जहांगीराबाद निवासी शाहरूख, उसके दोस्त जावेद उर्फ भैय्यू, बाणगंगा निवासी फैजान और उसकी पत्नी जोया के खिलाफ धर्मांतरण, सामूहिक दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया था। उस समय पीड़िता नाबालिग थी। आरोप था कि शाहरूख उसे बहला-फुसलाकर फैजान के घर ले गया था, जहां उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया गया और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया। यह मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है। बताया जा रहा है कि इस केस का आरोपी फैजान जमानत पर जेल से बाहर आया था, जिसके बाद से युवती और उसके परिवार पर दबाव और बढ़ गया था।



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