जीवाजी विश्वविद्यालय परिसर में बढ़ते आवारा कुत्तों के आतंक से छात्र, छात्राएं, कर्मचारी और सैर करने वाले लोग डरे हुए हैं। नगर निगम की लापरवाही पर विश् …और पढ़ें

HighLights
- जेयू परिसर में 50 से ज्यादा आवारा कुत्तों का आतंक।
- छात्राओं पर हमले के बाद हॉस्टल में भय का माहौल।
- सैर करने आए लोगों और कर्मचारियों को कुत्तों ने काटा।
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय (जेयू) परिसर इन दिनों शिक्षा, शोध और शैक्षणिक गतिविधियों की बजाय आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक को लेकर चर्चा में है। हालत यह है कि विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं से लेकर सुबह-शाम सैर करने आने वाले शहरवासियों और विश्वविद्यालय कर्मचारियों तक सभी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। बीते कुछ महीनों में आवारा कुत्तों के हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं। अब यह समस्या इतनी गंभीर हो चुकी है कि बालिका छात्रावास क्षेत्र भी इसकी चपेट में आ गया है। छात्राओं ने भय और असुरक्षा का माहौल बताते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
परिसर में 50 से अधिक आवारा कुत्ते सक्रिय
विश्वविद्यालय प्रबंधन के अनुसार परिसर में करीब 50 से अधिक आवारा कुत्ते घूम रहे हैं। सुबह और शाम के समय इनका झुंड सबसे ज्यादा सक्रिय रहता है। कई बार ये राह चलते लोगों के पीछे दौड़ पड़ते हैं और हमला कर देते हैं। विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों और छात्रावासों के आसपास इनकी संख्या अधिक बताई जा रही है। कर्मचारियों और सैर करने वाले कई लोग इन हमलों में घायल भी हो चुके हैं।
छात्रावास क्षेत्र तक पहुंचा खतरा
- हाल ही में मृगनयनी बालिका छात्रावास क्षेत्र में कुत्तों ने कुछ छात्राओं पर हमला कर दिया। खुद को बचाने के प्रयास में कई छात्राएं गिरकर घायल हो गईं। घटना के बाद छात्राओं में डर का माहौल है। छात्राओं ने वार्डन को लिखित शिकायत देने के साथ कुलसचिव को भी पत्र सौंपकर समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।
- मृगनयनी छात्रावास की वार्डन स्वर्णा परमार ने बताया कि छात्राओं ने दो माह पहले भी इस संबंध में शिकायत की थी। हाल ही में फिर मौखिक और लिखित रूप से समस्या बताई गई है। मामले से विश्वविद्यालय प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
सैर करने वालों पर भी हमले
- विश्वविद्यालय परिसर शहर के लोगों के लिए सुबह-शाम सैर का प्रमुख स्थान है। लेकिन अब यहां आने वाले लोग भी डर के साये में टहलने को मजबूर हैं। बीते सात दिनों में सैर करने आए चार लोगों को कुत्तों द्वारा काटे जाने की शिकायत सामने आई है। इनमें विश्वविद्यालय के एक पूर्व अतिथि विद्वान भी शामिल बताए जा रहे हैं।
- छात्रा जानवी और छात्र मृदुल ने बताया कि दूरस्थ शिक्षण संस्थान, कैमिस्ट्री विभाग, फिजिक्स विभाग और बालिका छात्रावास के आसपास कुत्तों का आतंक सबसे ज्यादा है। कई बार पैदल या दोपहिया वाहन से निकलते समय कुत्ते पीछा कर लेते हैं।
कर्मचारी भी हुए घायल
विश्वविद्यालय परिसर में माली के तौर पर कार्यरत कर्मचारी जगदीश कुशवाह दो दिन पहले प्राध्यापकों के बंगले के पास घास काट रहे थे। इसी दौरान एक काले रंग के कुत्ते ने उन पर हमला कर दिया और पैर में काट लिया। कुत्ते के दांत मांस तक घुस गए। घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल भेजा गया, जहां उपचार के बाद उन्होंने अधिकारियों को घटना की जानकारी दी।
नगर निगम पर लापरवाही का आरोप
- विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर नगर निगम को लगातार पत्र भेजे गए हैं। एक मुख्य पत्र और तीन संस्मरण पत्र भेजे जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
- कुलसचिव राजीव मिश्रा ने कहा कि परिसर से आवारा कुत्तों को हटाने के लिए नगर निगम से लगातार पत्राचार किया जा रहा है। हाल ही में फिर रिमाइंडर भेजा गया है, लेकिन अब तक प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।
जल्द चलेगा अभियान : नगर निगम
- नगर निगम के एबीसी नोडल अधिकारी केशव सिंह चौहान ने बताया कि आवारा कुत्तों के लिए आश्रय स्थल तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही बड़े स्तर पर अभियान चलाकर सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को पकड़ा जाएगा। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय परिसर को भी प्राथमिकता में शामिल किया जाएगा।
