शाम पांच बजकर 13 मिनट पर जब ट्रेन ने प्लेटफार्म छोड़ा, तो हर चेहरे पर मुस्कान थी। …और पढ़ें

Publish Date: Wed, 20 May 2026 10:22:08 AM (IST)Updated Date: Wed, 20 May 2026 10:22:57 AM (IST)

45 डिग्री की गर्मी पर भारी पड़ी आस्था... मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत ग्वालियर से वैष्णो देवी रवाना हुए 262 बुजुर्ग
ट्रेन  के  एसी  कोच  में  बैठे  बुजुर्ग  तीर्थ यात्री। नईदुनिया

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। 45 डिग्री सेल्सियस तापमान के बावजूद रेलवे स्टेशन का प्लेटफार्म नंबर चार किसी उत्सव स्थल जैसा नजर आया। ‘जय माता दी’ के जयकारों के बीच 262 बुजुर्गों की आंखों में एक अनोखी चमक थी, यह चमक मां वैष्णो देवी के दर्शन की और जीवन के उस सपने के साकार होने की थी, जिसकी प्रतीक्षा वे वर्षों से कर रहे थे। पहली बार बुजुर्गों को एसी ट्रेन से तीर्थ यात्रा कराई गई है।

यात्रा को लेकर बुजुर्गों में भारी उत्साह

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत ग्वालियर जिले के इन बुजुर्गों को अमृतसर-वैष्णोदेवी के दर्शन का अवसर मिला है। शाम पांच बजकर 13 मिनट पर जब ट्रेन ने प्लेटफार्म छोड़ा, तो हर चेहरे पर मुस्कान थी। जिला प्रशासन ने इस विदाई को यादगार बनाने के लिए स्टेशन परिसर में विशेष इंतजाम किए थे। सभी यात्रियों का पुष्प मालाओं से स्वागत कर उन्हें यात्रा की शुभकामनाएं दी गईं। इस यात्रा के प्रति बुजुर्गों में कितना उत्साह था, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि केवल 262 सीटों के लिए 726 आवेदन प्राप्त हुए थे। आवेदनों की संख्या को देखते हुए पूरी पारदर्शिता बरतने के लिए लाटरी पद्धति अपनाई गई। यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देते हुए उनके साथ विशेष अनुरक्षक तैनात किए हैं।

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15 बुजुर्ग अपात्र घोषित

भोपाल से आए 15 बुजुर्गों को दस्तावेज या पात्रता संबंधी कारणों से घोषित कर दिया गया। ये बुजुर्ग स्टेशन तक पहुंच गए थे, लेकिन पात्रता नहीं होने के कारण उन्हें यात्रा पर जाने की अनुमति नहीं दी गई।

कूलरों में पानी नहीं, गर्म हवा से बढ़ी परेशानी

तीर्थ दर्शन यात्रा पर जाने वाले बुजुर्ग श्रद्धालु मंगलवार दोपहर से ही रेलवे स्टेशन पहुंचना शुरू हो गए थे। यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशन में टेंट लगाकर बैठने की व्यवस्था की गई थी। गर्मी को देखते हुए कूलर भी लगाए गए, लेकिन उनमें पानी नहीं होने के कारण वे ठंडी हवा देने के बजाय गर्म हवा फेंकते रहे। इस वजह से बुजुर्गों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई बुजुर्ग गर्मी से परेशान नजर आए। बावजूद इसके व्यवस्थाओं को लेकर वे नाराज नहीं थे। हालांकि प्रशासनिक कर्मचारियों द्वारा यात्रियों को संभालने और ट्रेन में बैठाने की प्रक्रिया जारी रखी गई।



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