ग्वालियर हाई कोर्ट ने कहा कि मामूली विवादित राशि के लिए पूरा बैंक खाता फ्रीज नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने बैंक को खाता चालू करने और केवल विवादित रकम सु …और पढ़ें
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HighLights
- वन टाइम फीस मांग को लेकर निकाली गई मैराथन।
- इनाम वितरण के दौरान युवाओं ने किया विरोध प्रदर्शन।
- विजेताओं की सूची पहले से तय होने का आरोप।
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। युवा कांग्रेस की रन फार ओटीएफ (वन टाइम फीस) मैराथन में बुधवार को बड़ी संख्या में शामिल हुए युवाओं के साथ कांग्रेस के नेताओं भी दौड़ लगाई। मैराथन मेला ग्राउंड से शुरू होकर हजीरा, किला गेट, सेवानगर होते हुए फूलबाग मैदान पर खत्म हुई।
यहां समापन के दौरान कुछ युवाओं ने इनाम नहीं मिलने को लेकर नाराजगी जताई और कांग्रेस मुर्दाबाद के नारे लगा दिए। मुर्दाबाद के नारे सुन कांग्रेस नेता सकते में आ गए। इस दौरान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश व केंद्र सरकार को जमकर घेरा और आरोप लगाए। मैराथन की शुरुआत हरी झंडी की जगह लाल झंडी दिखाकर की गई।
युवाओं का आरोप- पहले से तय थी विजेताओं की सूची
बता दें कि युवा कांग्रेस ने सरकारी भर्ती परीक्षाओं में वन टाइम फीस व्यवस्था लागू करने की मांग को लेकर मैराथन का आयोजन किया। समापन पर जब पुरस्कार वितरण शुरू हुआ तो कुछ प्रतिभागियों ने आरोप लगाया कि विजेताओं की सूची पहले से तय थी और स्थानीय कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज किया गया। इसी बात पर मंच के पास नारेबाजी शुरू हो गई। कुछ युवाओं ने “कांग्रेस मुर्दाबाद” के नारे लगाए और आयोजकों से जवाब मांगा।

12 साल में 90 पेपर लीक
जीतू पटवारी ने कहा कि ग्वालियर से शुरूआत कर दी गई है और प्रदेश के कांग्रेस नेताओं की टीम निगरानी के लिए बनी है। 12 साल में 90 बार पेपर लीक और 50 बार परीक्षा निरस्त हुई, इसमें बीजेपी का सिंडिकेट काम कर रहा है। देश में अंतर्विरोध की भावना है।
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कार्यकर्ताओं ने शांत कराया मामला
- हंगामे के समय मंच पर यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भान चिब, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह, पीसी शर्मा और आयोजनकर्ता राष्ट्रीय महासचिव मितेंद्र दर्शन सिंह मौजूद थे।
- यूथ कांग्रेस के नेताओं ने हंगामे करते युवाओं को शांत करने के लिए कहा कि अभी हर परीक्षा के लिए अलग-अलग 500-1000 रुपये फीस देनी पड़ती है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के युवाओं पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उदय भान चिब ने कहा कि बीजेपी सरकार मध्यवर्गीय युवाओं पर हजारों रुपये का बोझ डाल रही है।
