मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की समीक्षा बैठक में प्रदेश को तकनीक और नवाचार का बड़ा केंद्र बनाने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गुजरात की तर्ज पर मध्यप्रदेश, विशेष रूप से भोपाल क्षेत्र में भी गिफ्ट सिटी विकसित करने के लिए ठोस प्रयास किए जाएं। बता दें गुजरात की GIFT City (गिफ्ट सिटी) का पूरा नाम Gujarat International Finance Tec-City है। यह GIFT City में भारत का पहला अंतरराष्ट्रीय वित्तीय और तकनीकी सेवा केंद्र है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी भविष्य की अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव है और इस क्षेत्र में मध्यप्रदेश के पास निवेश आकर्षित करने की बड़ी संभावनाएं हैं। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी विकास को बढ़ावा देकर रोजगार और निवेश के नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निवेश परियोजनाओं को तेजी से जमीन पर उतारने और निवेशकों के साथ लगातार संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए। डॉ. यादव ने उज्जैन में विकसित हो रही मेडी सिटी और प्रस्तावित साइंस सिटी के साथ मेडिकल, साइंस और तकनीकी शिक्षा के लिए एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने पर भी जोर दिया। इसके लिए केंद्र सरकार से समन्वय करने के निर्देश दिए गए हैं।
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डीपटेक रिसर्च पार्क की स्थापना का प्रस्ताव केंद्र को भेजा
बैठक में अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने बताया कि उज्जैन में डीपटेक रिसर्च पार्क की स्थापना का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जा चुका है। अब इसी प्रस्ताव के तहत उज्जैन में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के लिए नई कार्ययोजना तैयार कर संशोधित प्रस्ताव भेजा जाएगा। यह सेंटर करीब 400 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया जाएगा। डीपटेक रिसर्च पार्क भी अब इसी सेंटर ऑॅफ एक्सीलेंस का हिस्सा होगा। उन्होंने बताया कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा भोपाल में गिफ्ट सिटी बनाने की तैयारी है। इसे ईकाई सिटी (EKAI CITY – एजुकेशन, नॉलेज एण्ड एआई सिटी) के रूप में तैयार किया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा करीब 10 हजार करोड़ रुपए की फंडिंग की जाएगी। राज्य सरकार भी इसमें राशि लाएगी। उन्होंने बताया कि अमेरिका की चार यूनिवर्सिटीस मध्यप्रदेश में अपना अध्ययन परिसर (स्टडी कैम्पस) खोलना चाहती हैं। उनसे भी समन्वय किया जा रहा है।
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तकनीक क्षेत्र में आया 12,500 करोड़ रुपये का निवेश
प्रमुख सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एम. सेलवेंद्रम ने बताया कि मध्यप्रदेश तेजी से देश के उभरते टेक हब के रूप में पहचान बना रहा है। प्रदेश में वर्तमान में 5 आईटी एसईजेड, 15 से अधिक आईटी पार्क, 50 से ज्यादा बड़ी आईटी कंपनियां और 1200 से अधिक टेक स्टार्टअप कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में तकनीकी क्षेत्र में अब तक करीब 12,500 करोड़ रुपये का निवेश आया है, जिससे लगभग 50 हजार नए रोजगार सृजित हुए हैं। सरकार डेटा सेंटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर, ड्रोन निर्माण, स्पेस टेक और अन्य उभरती तकनीकों पर विशेष फोकस कर रही है। अधिकारियों के अनुसार इस क्षेत्र में करीब 5,892 करोड़ रुपये की नई मेगा परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं। मुख्यमंत्री ने विभाग में रिक्त पदों को शीघ्र भरने और राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को और अधिक सशक्त बनाने के भी निर्देश दिए।
