पीएचई ने प्लान में बताया है कि हर साल मई और जून में जल संकट की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। …और पढ़ें

HighLights
- चंबल प्रोजेक्ट पूरा होने पर नई व्यवस्था बनाने की सिफारिश
- 1 नवंबर से 31 मार्च तक एक दिन छोड़कर जल आपूर्ति का प्रस्ताव
- पीएचई के अधिकारियों ने निगमायुक्त को सौंपा प्रस्ताव
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शहर में गर्मी के मौसम में जल संकट की आहट को देखते हुए एक जुलाई 2026 से एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति करने की तैयारी की जा रही है। इसी बीच पीएचई के अधिकारियों ने ऐसी नौबत को हर साल टालने के लिए एक स्थायी प्लान तैयार किया है।
पीएचई ने दिया प्लान
पीएचई के अधिकारियों ने निगमायुक्त संघ प्रिय को प्लान दिया है कि हर वर्ष एक नवंबर से लेकर 31 मार्च तक सर्दी के दिनों में एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति की जाए। इससे गर्मी के दिनों में मांग बढ़ने की स्थिति में नियमित रूप से आपूर्ति की जा सकेगी।
दरअसल, जलसंसाधन विभाग ने नगर निगम के पीएचई विभाग को हाल ही में तिघरा बांध में पानी की मात्रा कम होने और एक दिन छोड़कर आपूर्ति करने का स्मरण पत्र भेजा है। इसके बाद पीएचई विभाग ने प्रस्ताव तैयार किया है, जिसमें उल्लेख किया गया है कि हर साल मई और जून में जल संकट की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इसके स्थायी निराकरण के लिए जरूरी है कि जब तक चंबल प्रोजेक्ट पूरा नहीं होता है और शहर को 150 एमएलडी पानी की रोज आपूर्ति नहीं होती, तब तक एक नवंबर से 31 मार्च तक एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति की जाए।
इसका कारण है कि सर्दी के मौसम में पानी की जरूरत कम होती है और उस दौरान पानी की बचत की जा सकती है। एक अप्रैल से मांग बढ़ने की स्थिति में 31 अक्टूबर तक शहर को प्रतिदिन पानी की आपूर्ति की जाए। इस दौरान वर्षा होने की स्थिति में तिघरा बांध का जल स्तर भी बढ़ जाता है और कई बार बांध फुल टैंक लेवल पर आने के कारण गेट खोलने की स्थिति बनती है। अब निगमायुक्त द्वारा इस प्लान को एमआइसी के समक्ष रखा जाएगा।
