शिकायतकर्ता अधिवक्ता आशीष प्रताप सिंह के ऑफिस में हुई चोरी की पूरी घटना सीसीटीवी कैमरों में रिकार्ड हुई है। …और पढ़ें

Publish Date: Sat, 23 May 2026 02:49:24 PM (IST)Updated Date: Sat, 23 May 2026 02:50:08 PM (IST)

ग्वालियर में 'हाई-प्रोफाइल' चोरी: विस अध्यक्ष तोमर के खिलाफ सबूतों वाला फोन ले उड़ा चोर; सीसीटीवी में फाइलें पढ़ता दिखा बदमाश!
वकील आशीष प्रताप सिंह के ऑफिस में फाइलों  का  ढेर  लगाकर  खड़ा  चोरl सीसीटीवी फुटेज

HighLights

  1. नरेंद्र सिंह तोमर के खिलाफ अदालत में चल रहा है केस
  2. कोविड नियम उल्लंघन मामले में सामने आए दिलचस्प तथ्य
  3. सीसीटीवी में कैद हुई सुनियोजित वारदात

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के खिलाफ कोर्ट में चल रहे कोविड नियम उल्लंघन मामले में अब एक बेहद चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। यह कोई सामान्य चोरी नहीं थी, बल्कि ऐसी वारदात थी जिसमें चोर सीधे साक्ष्यों पर हाथ साफ कर गया। हैरानी की बात यह है कि ऑफिस में रखा दूसरा सामान जस का तस रहा, लेकिन जिस मोबाइल में नरेंद्र सिंह के खिलाफ वीडियो, फोटो और दस्तावेज होने का दावा किया जा रहा था, वही मोबाइल गायब कर दिया गया।

मामला 2020 के कोरोना काल में कोविड नियमों के उल्लंघन कर कार्यालय उद्घाटन से जुड़ा है। हाई कोर्ट के आदेश पर एफआईआर तो दर्ज हुई, लेकिन केस से जुड़े अहम साक्ष्य रहस्यमयी तरीके से गायब हो गए। शिकायतकर्ता अधिवक्ता आशीष प्रताप सिंह के ऑफिस में हुई चोरी की पूरी घटना सीसीटीवी कैमरों में रिकार्ड हुई है। हालांकि सभी साक्ष्यों की चार प्रतियां शिकायतकर्ता के पास मौजूद हैं जो पुलिस को सिपुर्द की जानी हैं। वहीं पुलिस बजाय सिपुर्दगी में लेने के शिकायतकर्ता से अपने ही थाने में दर्ज एफआईआर की कापी मांगने में जुटी है।

naidunia_image
naidunia_image

बैग टांग कर आया चोर: फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि चोर पीठ पर बैग टांगकर बेहद सुनियोजित तरीके से आफिस में घुसता है। वह आराम से फाइलें खोल-खोलकर पढ़ता है, फिर उन्हीं फाइलों के पन्ने फाड़ता है जिनमें नरेंद्र सिंह तोमर से जुड़े दस्तावेज होने की बात कही जा रही है। इसके बाद वह सीधे उस फोन को उठाकर ले जाता है जिसमें कथित तौर पर पूरे मामले के डिजिटल सबूत थे।

मामले को यूं समझें: मामला हाई कोर्ट के आदेश पर वर्तमान में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह के खिलाफ कोविड नियमों के उल्लंघन करने के आरोप में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पांच साल बाद भी पुलिस ने मामले में गंभीरता नहीं दिखाई। उन्होंने कई बार पुलिस को सबूत और दस्तावेज सौंपने की कोशिश की, लेकिन हर बार टालमटोल की गई। आशीष प्रताप सिंह का कहना है कि उनके चोरी हुए मोबाइल में नरेंद्र सिंह तोमर की रैली से जुड़े वीडियो और अहम दस्तावेज थे। उस मोबाइल की चोरी की एफआइआर भी पड़ाव थाने में दर्ज है, लेकिन उसमें भी कार्रवाई नहीं हुई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि पहले भाजपा नेता मुन्नालाल गोयल के खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई, बाद में कोर्ट की सख्ती पर नरेंद्र सिंह तोमर के खिलाफ अलग एफआइआर हुई। एक ही मामले में दो एफआइआर और दो जांच अधिकारी होने के बावजूद केस अब तक लंबित है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *