नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। भूसे का बोरा (बारदाना) बदलने पर नौ दिन पहले मारपीट में घायल युवक की मौत हो गई। वह अस्पताल में भर्ती था। वह पहले से ब्रेन ट्यूमर की बीमारी से पीड़ित था। युवक की मौत के बाद स्वजन ने शव रखकर गोला का मंदिर चौराहा पर चक्काजाम कर दिया।
स्वजन की मांग थी कि इस मामले में मारपीट करने वाले आरोपितों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया जाए। उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाए। करीब एक घंटे तक जाम लगाये रखा। पुलिस ने इन्हें समझाया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और बयानों के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। आश्वासन के बाद यह लोग उठे।
अब पुलिस आरोपितों की तलाश में लग गई है। गोला का मंदिर थाना क्षेत्र के अंतर्गत नारायण विहार कॉलोनी में रहने वाला 41 वर्षीय बृजभान सिंह पवैया मजदूरी करता था। घर में भैंस पली थी। इसके लिए वह भिंड रोड पर 20 मई को टाल पर भूसा लेने के लिए गया था।
यहां पर आदर्श नगर निवासी दीपा गुर्जर, लिंगा गुर्जर और काके श्रीवास आए हुए थे। यह भी भूसा खरीदने के लिए आए थे। दुकान पर इनका बारदाना आपस में बदल गया। इस बात पर मुंहवाद हुआ। इसके बाद दीपा, काके और लिंगा ने बृजभान सिंह पवैया की मारपीट शुरू कर दी।
बृजभान पहले से ही ब्रेन ट्यूमर की बीमारी से जूझ रहा था। सड़क पर पटककर दीपा और लिंगा ने बेरहमी से मारपीट की। उसके सिर में लातें मारी। फिर डंडा भी मारा। जिससे वह अचेत हो गया। आरोपित यहां से भाग गए। गंभीर हालत में बृजभान को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
यहां वह कोमा में जा चुका था। शुक्रवार को उसने दम तोड़ दिया। अस्पताल से पुलिस को सूचना दी गई। गोला का मंदिर थाना पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद स्वजन शव लेकर गोला का मंदिर चौराहा पहुंचे। यहां चक्काजाम कर दिया।
करीब एक धंटे तक जाम लगाये रखा। स्वजनों की मांग थी कि दोनों आरोपितों पर हत्या का केस दर्ज किया जाए। इनके मददगारों को भी आरोपित बनाया जाए। पुलिस ने आश्वासन दिया कि जांच के बाद धारा बढ़ाई जाएगी। पूर्व में इन पर मारपीट का केस दर्ज कर लिया था। इसके बाद जाम खोला गया। सिरफिरे आरोपित: सिर में पट्टी बंधी थी, फिर भी सरिये और डंडा माराआरोपित सिरफिरे हैं। बृजभान के सिर में पट्टी बंधी थी। फिर भी आरोपित उसके सिर में डंडा, सरिये से वार करते रहे। जब वह तक अचेत नहीं हो गया।
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मृतक के परिवार पर भरण-पोषण का संकट
बृजभान की शादी हो चुकी है। 14 वर्षीय बेटा कौशल और उससे छोटी बेटी है। पूरे परिवार का भरण पोषण वही करता था। बीमारी में भी मजदूरी करता था, क्योंकि बीमारी का भी इलाज चल रहा था। अब उसे इतना पीटा गया कि जान ही चली गई। पूरे परिवार पर गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
