शिविर में बच्चों को आंख बंद कर रंग पहचानने की तकनीक सिखाई गई है। अभी और भी तकनीक सिखाई जाएंगी। जिससे बच्चे ध्वनि के साथ दिशा का ज्ञान सीखेंगे। …और पढ़ें

Publish Date: Tue, 19 May 2026 01:51:04 PM (IST)Updated Date: Tue, 19 May 2026 02:34:04 PM (IST)

पुलिस की अनोखी पाठशाला: 'ब्राइटर माइंड' तकनीक से आंखें बंद कर रंग पहचान रहे बच्चे
प्रतीकात्मक चित्र।

HighLights

  1. ग्वालियर में हार्टफुलनेस और एमपी पुलिस का अनूठा प्रयास
  2. 150 बच्चों को मिल रही विशेष ट्रेनिंग
  3. तकनीक से सुधरेगा लेफ्ट और राइट ब्रेन का संतुलन

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। एसएएफ की द्वितीय वाहिनी में इन दिनों पुलिस और आम लोगों के बच्चों के व्यक्तित्व विकास के लिए अनूठी पाठशाला लगाई जा रही है। पहली बार ऐसा अवसर है जब पुलिस महकमे में इस तरह का शिविर लग रहा हैं। यहां बच्चों के बौद्धिक विकास पर सबसे ज़्यादा फोकस किया जा रहा है। वर्तमान में करीब 150 बच्चे इसमें भाग ले रहे हैं। बच्चों को ब्राइटर माइंड तकनीक के ज़रिए निखारा जा रहा है।

हैदराबाद की संस्था हर्टफ़ुलनेस के साथ मध्यप्रदेश पुलिस का एमओयू साइन हुआ था, जिसके तहत पुलिसकर्मियों को ध्यान कराया जा रहा है। इसी क्रम में एसएएफ के जवानों को ट्रेंड किया गया। अब एसएएफ के जवान पुलिसकर्मी व आम लोगों के बच्चों में ध्यान व विशेष तकनीक के ज़रिए बौद्धिक विकास के लिए यह शिविर लगा रहे हैं। बच्चों को आंख बंद कर रंग पहचानने की तकनीक सिखाई गई है, अभी और भी तकनीक सिखाई जाएंगी। जिससे बच्चे ध्वनि के साथ दिशा का ज्ञान सीखेंगे।

बच्चों में बढ़ी इंडोर एक्टिविटी, रुक रहा विकास

बच्चों में इन दिनों स्क्रीन टाइम बहुत बढ़ जाता है। इंडोर एक्टिविटी अधिक होने के कारण विकास रुक जाता है। इसलिए यह शिविर बच्चों के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। इससे डिजिटल डिटाक्सीफिकेशन होगा।

ऐसे काम करती है तकनीक

  • संपूर्ण मस्तिष्क का विकास: यह तकनीक मस्तिष्क के बाएं (तार्किक) और दाएं (रचनात्मक) दोनों हिस्सों के बीच संतुलन बनाने पर जोर देती है।
  • अल्फा-म्यूज़िक: इसमें एक विशेष प्रकार के पेटेंटेड संगीत और दिमागी व्यायामों का उपयोग किया जाता है, जिससे बच्चे का दिमाग शांत और सीखने के अनुकूल अवस्था में आ जाता है।
  • योग और ध्यान: इसमें ध्यान और योग का अभ्यास शामिल होता है, जो बच्चों के मन को शांत और तनावमुक्त करता है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *