नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने मंगलवार को 106 सदस्यीय प्रदेश कार्यसमिति की घोषणा कर दी। ग्वालियर-चंबल संभाग से 106 सदस्यीय कार्यसमिति में 21 लोगों को स्थान मिला है। इस प्रकार प्रदेश कार्यसमिति में अंचल की लगभग 20 प्रतिशत हिस्सेदारी रही है।
कांग्रेस हमेशा भाजपा की सूची में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के स्थान को लेकर तंज कसती रही है। कांग्रेस में जहां उनका नाम दूसरे या तीसरे स्थान पर रहता था, वहीं भाजपा में वे सातवें या आठवें क्रम पर दिखाई देते थे। इस बार जारी सूची में उनका नाम चौथे स्थान पर है।
डॉ. मोहन यादव, शिवराज सिंह चौहान और वीरेंद्र कुमार खटीक का नाम
उनसे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार खटीक का नाम है। सिंधिया अपने साथ कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए पूर्व विधायकों और मंत्रियों को संगठन में स्थान दिलाने में सफल रहे हैं। लंबे समय बाद पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा की प्रदेश की राजनीति और संगठन में वापसी हुई है।
विचार परिवार से जुड़े पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी और प्रहलाद सबनानी को भी प्रदेश कार्यसमिति में स्थान मिला है।
प्रदेश कार्यसमिति में ग्वालियर-चंबल संभाग से इन्हें मिला स्थान
भाजपा प्रदेश कार्यसमिति में पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा, अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य, कृषि मंत्री ऐंदल सिंह कंसाना, उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, पूर्व मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया, ओपीएस भदौरिया, इमरती देवी, अनूप मिश्रा, माया सिंह, पूर्व विधायक रक्षा सिरोनिया, गिर्राज दंडोतिया, नरेंद्र बिरथरे, महेंद्र सिंह सिसौदिया, हरिसिंह यादव, भागीरथ प्रसाद, अभय चौधरी, वीरेंद्र जैन और योगेश पाल गुप्ता शामिल हैं। इसके साथ ही सिंधिया समर्थक माने जाने वाले प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत को भी कार्यसमिति में स्थान मिला है।
हेमंत खंडेलवाल ने सिंधिया से एकांत में मुलाकात की थी
निगम-मंडलों और प्राधिकरणों में समुचित प्रतिनिधित्व नहीं मिलने के कारण सिंधिया संतुष्ट नजर नहीं आ रहे थे। इसके बाद शिवपुरी प्रवास के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने उनसे एकांत में मुलाकात की थी। माना जा रहा है कि इसी बैठक का परिणाम है कि सिंधिया अपने समर्थकों को प्रदेश कार्यसमिति में शामिल कराने में सफल रहे हैं।
सिंधिया को साधने का प्रयास
प्रदेश कार्यसमिति में संगठन ने सिंधिया समर्थक आठ नेताओं को स्थान देकर उन्हें साधने का प्रयास किया है। वहीं विधानसभा अध्यक्ष के समर्थक कार्यसमिति में अपेक्षाकृत कम नजर आ रहे हैं। अभय चौधरी, वीरेंद्र जैन और योगेश पाल गुप्ता को पूर्व महानगर व जिलाध्यक्ष होने के कारण प्रदेश कार्यसमिति में स्थान मिला है।
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पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा की प्रदेश की राजनीति और संगठन में वापसी
लंबे समय बाद अनूप मिश्रा की वापसी लंबे समय से राजनीतिक पुनर्वास की राह देख रहे पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा की एक बार फिर संगठन में वापसी हुई है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने पदभार ग्रहण करने के बाद ग्वालियर के अपने पहले प्रवास के दौरान घर बैठे भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से उनके निवास पर जाकर मुलाकात की थी। तभी से उनके पुनर्वास के संकेत मिलने लगे थे। अब प्रदेश कार्यसमिति में स्थान मिलने के साथ उनकी संगठन में वापसी भी हो गई है।
