लखनऊ में हाल ही में हुए अग्निकांड के बाद भोपाल में कोचिंग संस्थानों की फायर सेफ्टी व्यवस्था की व्यापक जांच शुरू कर दी गई है। भोपाल नगर निगम और फायर विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत शहर के विभिन्न इलाकों में संचालित 30 कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान सुरक्षा मानकों से जुड़ी कई गंभीर खामियां सामने आई हैं। अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर करीब पांच कोचिंग संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। मंगलवार को फायर विभाग की चार टीमों ने एमपी नगर, पिपलानी, न्यू मार्केट, टीटी नगर और बैरागढ़ क्षेत्र में स्थित कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान भवनों में फायर फाइटिंग सिस्टम, अग्निशमन यंत्र, जल भंडारण क्षमता, वेंटिलेशन व्यवस्था, आपातकालीन निकासी मार्ग और अन्य सुरक्षा इंतजामों की जांच की गई।

80 फीसदी संस्थानों में नहीं मिला अलग फायर एग्जिट

निरीक्षण में सबसे बड़ी खामी अलग फायर एग्जिट की कमी के रूप में सामने आई। फायर अधिकारी सौरभ पटेल के अनुसार जांच किए गए करीब 80 फीसदी कोचिंग संस्थानों में सुरक्षित और पृथक फायर एग्जिट नहीं मिला। कई भवनों में केवल एक ही प्रवेश और निकास मार्ग पाया गया, जो आग जैसी आपात स्थिति में बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है। इसके अलावा कई संस्थानों में लगे अग्निशमन यंत्रों की वैधता अवधि समाप्त हो चुकी थी। कुछ स्थानों पर उपकरण रखे तो गए थे, लेकिन उनका नियमित रखरखाव नहीं किया जा रहा था।

किसी भी संस्थान ने नहीं कराया थर्ड पार्टी फायर ऑडिट

जांच में यह भी सामने आया कि निरीक्षण के दायरे में आए किसी भी कोचिंग संस्थान ने अनिवार्य थर्ड पार्टी फायर ऑडिट नहीं कराया था। नियमों के तहत समय-समय पर स्वतंत्र एजेंसियों से फायर सेफ्टी ऑडिट कराना जरूरी होता है, ताकि भवनों में मौजूद संभावित जोखिमों की पहचान कर उन्हें दूर किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि कई संस्थानों में पर्याप्त जल भंडारण, धुआं निकासी व्यवस्था और आपातकालीन प्रबंधन की तैयारी भी नहीं मिली। बड़ी संख्या में छात्रों की मौजूदगी को देखते हुए इन कमियों को गंभीर माना जा रहा है।

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अस्पताल और हाईराइज भवन भी जांच के दायरे में

फायर सेफ्टी अभियान के तहत केवल कोचिंग संस्थानों की ही नहीं, बल्कि अस्पतालों और बहुमंजिला इमारतों की भी जांच की जा रही है। निरीक्षण के दौरान हमीदिया अस्पताल परिसर के कई  में भी फायर सुरक्षा संबंधी कमियां सामने आई हैं। अधिकारियों के अनुसार अस्पताल परिसर के केवल दो भवनों के पास वैध फायर एनओसी है, जबकि अन्य भवनों में सुरक्षा इंतजाम और अनुमतियों को लेकर सवाल उठे हैं। अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रही है।

रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई

नगर निगम के अपर आयुक्त तनमय वी. शर्मा ने बताया कि सभी निरीक्षणों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जिन संस्थानों में गंभीर खामियां मिली हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि छात्रों और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और फायर सेफ्टी मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

 



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