महाकाल मंदिर क्षेत्र में जाम की समस्या से निपटने के लिए यातायात पुलिस ने बड़ा फैसला लिया है। हरी फाटक क्षेत्र से बेगमबाग होते हुए नीलकंठ द्वार की ओर अब ऑटो एवं ई-रिक्शा का संचालन नहीं होगा।

उप पुलिस अधीक्षक यातायात दिलीप परिहार और थाना प्रभारी यातायात इन्द्रपाल सिंह की मौजूदगी में ऑटो एवं ई-रिक्शा संघ के पदाधिकारियों के साथ बैठक हुई। शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात सुगम बनाने और आमजन की सुविधा को लेकर चर्चा के बाद इस रूट पर ऑटो-ई रिक्शा बंद करने के प्रस्ताव पर सर्वसम्मति बनी। याद रहे कि महाकाल मंदिर पहुंच इस मार्ग पर हरी फाटक से नीलकंठ द्वार के बीच संकरे रास्ते पर ऑटो-ई रिक्शा की वजह से रोज भारी जाम लगता है। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को परेशानी होती है। महाकाल मंदिर जाने वाला ये प्रमुख मार्ग है, इसलिए यातायात सुचारू करना जरूरी था।

बैठक में ऐसे बनी सहमति

बैठक में ऑटो-ई रिक्शा संघ के पदाधिकारियों ने पुलिस प्रशासन को पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया। इस दौरान सभी वाहन चालकों से निर्धारित यातायात नियमों का पालन करने और शहर में सुगम यातायात व्यवस्था बनाए रखने में मदद करने को कहा गया। इस दौरान बताया गया कि नए नियम का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी। इस फैसले से हरी फाटक-बेगमबाग-नीलकंठ द्वार रूट पर जाम की समस्या कम होगी। पैदल श्रद्धालुओं और लोकल ट्रैफिक को राहत मिलने की उम्मीद है।

ये भी पढ़ें- भाजपा की सफाई: हेमंत खंडेलवाल बोले- CM की संपत्ति में नहीं हुआ कोई बदलाव, यह राजनीतिक साजिश का हिस्सा

जानिए क्यों लगाया गया बैन?



  • लंबा जाम- महाकाल मंदिर और भारत माता मंदिर पहुंचने वाले इस मार्ग पर रोज लंबा जाम लगता है। संकरे रास्ते पर ऑटो-ई रिक्शा की भीड़ से ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो जाता है।




  • श्रद्धालु होते हैं परेशान – देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने में घंटों लगते हैं। बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चों को जाम में फंसकर सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ती है।




  • VIP-प्रोटोकॉल एंट्री भी यहीं से- इसी मार्ग से VIP और प्रोटोकॉल वाले श्रद्धालुओं का प्रवेश होता है। जाम की वजह से सुरक्षा व्यवस्था और प्रोटोकॉल मूवमेंट भी प्रभावित होता था।




क्या कहते है जिम्मेदार


शहर की यातायात व्यवस्था को सुरक्षित और सुचारू रखना प्राथमिकता है। ऑटो संघ के सहयोग से जनता को जाम से राहत मिलेगी।


– दिलीप परिहार, DSP यातायात


 

 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *