ऐसे में गंभीर मरीजों और सड़क हादसों के शिकार लोगों को अस्पताल पहुंचाने का अतिरिक्त दबाव भी 27 एंबुलेंस पर आ गया है। …और पढ़ें

HighLights
- शहर से लेकर हाईवे तक सेवा ठप
- जय अंबे इमरजेंसी सर्विसेज की लापरवाही!
- रेलवे स्टेशन और डबरा-टेकनपुर जैसे मुख्य प्वाइंट्स पर एंबुलेंस गायब
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। सड़क हादसा हो, अचानक आया हार्ट.. ऐसी किसी भी गंभीर आपात स्थिति में जिस 108 एंबुलेंस को मरीज और उनके स्वजन भगवान का रूप मानते हैं, वह सेवा इन दिनों खुद संकट के दौर से गुजर रही है। जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ कही जाने वाली 11 एंबुलेंस खुद बीमार होकर वर्कशाप में खड़ी हैं, जबकि मरीजों को समय पर मदद नहीं मिल पा रही है। जिले के लिए कुल 46 एंबुलेंस स्वीकृत हैं। इसका सीधा-सा मतलब यह है कि जिले की हर चौथी एंबुलेंस इस समय सड़क से गायब है। इसका सीधा असर आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है।
जय अंबे इमरजेंसी सर्विसेज पर है जिम्मेदारी
शहर के अति-व्यस्त इलाकों से लेकर हाईवे और देहात के प्रमुख प्वाइंटों पर एंबुलेंस सेवाएं ठप हैं। शहरी क्षेत्र में जिला चिकित्सालय, गोले का मंदिर, हजीरा, रूप सिंह स्टेडियम, दीनदयाल नगर, गिरवाई और केआरजी कालेज प्वाइंट व ग्रामीण व हाईवे क्षेत्र में डबरा, टेकनपुर, पिछोर और जौरासी की एंबुलेंस खराब है। ऐसे में गंभीर मरीजों और सड़क हादसों के शिकार लोगों को अस्पताल पहुंचाने का अतिरिक्त दबाव भी 27 एंबुलेंस पर आ गया है। जय अंबे इमरजेंसी सर्विसेज पर एंबुलेंस संचालन की जिम्मेदारी है।
गोल्डन ऑवर में बढ़ रही परेशानी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार दुर्घटना के बाद का पहला घंटा, जिसे गोल्डन ऑवर कहा जाता है, मरीज की जान बचाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है। लेकिन जिले में कई बार स्थानीय एंबुलेंस खराब होने के कारण दूसरे क्षेत्र से वाहन भेजना पड़ता है। ऐसे में मरीज और स्वजन को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है।
रेलवे स्टेशन पर अक्सर देर से पहुंचती है एम्बुलेंस
गर्मी और लंबी यात्रा के कारण अक्सर यात्री बीमार पड़ जाते हैं। चूंकि रेलवे के पास अपनी कोई स्वतंत्र एंबुलेंस व्यवस्था नहीं है, इसलिए वे भी 108 सेवा पर निर्भर हैं। लेकिन रेलवे स्टेशन से जुड़े रूपसिंह स्टेडियम प्वाइंट की एंबुलेंस खराब होने के कारण बीमार यात्रियों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है।
खराब एंबुलेंस की मरम्मत का कार्य संबंधित कंपनी द्वारा कराया जा रहा है। जिन स्थानों पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हैं, वहां से सूचना मिलने पर दूसरे प्वाइंट की गाड़ी पहुंच रही हैं। इसके साथ ही खराब गाड़ियों की जानकारी एनएचएम को पत्र के जरिये भेजी जा चुकी है। -आइपी निवारिया नोडल अधिकारी, 108 एंबुलेंस।
