ग्वालियर में तापमान फिर 40.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। उमस बढ़ने से लोगों की परेशानी बढ़ी है। मौसम विभाग ने 5-6 जून को हल्की बारिश और तेज हवा की स …और पढ़ें

Publish Date: Fri, 05 Jun 2026 08:33:19 AM (IST)Updated Date: Fri, 05 Jun 2026 08:33:19 AM (IST)

ग्वालियर में 5 और 6 जून को होगी बारिश, तापमान पर नहीं पड़ेगा खास असर
ग्वालियर में 5 और 6 जून को होगी बारिश। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. वातावरण में नमी बढ़ने से उमस लोगों को सताई।
  2. पांच और छह जून को बारिश की संभावना।
  3. तापमान में एक से दो डिग्री बढ़ोतरी संभव है।

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। मई के अंतिम दिनों से शुरू हुई हल्की वर्षा की वजह से शहर व अंचल का मौसम बदल गया था और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिल गई थी, लेकिन अब गर्मी से राहत के दिन गायब होने लगे हैं, क्योंकि दिन का तापमान एक बार फिर 40.5 डिसे पर पहुंच गया है। रात का तापमान भी बढ़ रहा है। हालांकि गर्मी में अभी वह तीखापन नहीं है, लेकिन उमस परेशान कर रही है।

मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, आगामी दिनों में तापमान में एक से दो डिसे की बढ़ोतरी होगी। साथ ही आगामी दो दिन तक दोपहर बाद या रात में तेज हवा के साथ हल्की वर्षा होने की संभावना है। गुरुवार को अंचल का दिन का तापमान 40.5 डिसे व रात का तापमान 27.3 डिसे रहा।

पांच और छह जून को हो सकती है बारिश

  • मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, मानसून ने केरल में दस्तक दे दी है और पश्चिमी विक्षोभ सहित कई सिस्टम बने हुए हैं। इनकी वजह से मौसम में बदलाव हो रहा है। हालांकि अभी तापमान सामान्य से कम चल रहा है, लेकिन आगामी तीन दिन में तापमान एक से दो डिसे बढ़ेगा और सामान्य तापमान के ऊपर पहुंच सकता है।
  • मानसून की दस्तक व अन्य सिस्टमों की वजह से अंचल के वातावरण में नमी आ रही है। इस वजह से न केवल उमस की स्थिति बन रही है, बल्कि वर्षा की भी संभावना बनी हुई है। अभी 5 व 6 जून को दोपहर बाद या शाम को हल्की वर्षा व तेज हवा चल सकती है, लेकिन तापमान की स्थिति पर किसी तरह का असर नहीं पड़ेगा।

मौसमी बीमारी से बचने की जरूरत

  • गुरुवार को तेज धूप निकली और हल्की हवा भी चल रही थी, लेकिन वातावरण में नमी की वजह से उमस अधिक थी। जैसे जैसे धूप का तीखापन बढ़ रहा था वैसे वैसे उमस भी बढ़ रही थी। ऐसे में बाहर निकलते ही लोग थोड़ी ही देर में पसीना पसीना हो रहे थे, इससे लोगों को डिहाइड्रेड महसूस कर रहे थे।
  • डॉक्टरों के मुताबिक मौसमी बीमारी के हिसाब से यह मौसम काफी संवेदनशील है, क्योंकि इस तापमान व नमी के बीच बैक्टीरिया व वायरस को पनपने के लिए अच्छी स्थितियां बन रही है। ऐसे में लोगों के बीमार होने का खतरा अधिक है।



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