ग्वालियर में माफी औकाफ मंदिरों की जांच में पुजारियों और रिश्तेदारों का कब्जा, अवैध दुकानें तथा भूमि अतिक्रमण उजागर हुआ। प्रशासन ने दुकान सील कर कार्रव …और पढ़ें

HighLights
- तीन मंदिरों में पुजारी परिवारों का अवैध कब्जा मिला।
- मंदिर परिसरों में दुकानें बनाकर किराये पर दी गईं।
- एक दुकान सील, अन्य को सात दिन की मोहलत।
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। प्रशासन के अधिकारियों द्वारा की गई जांच में मंदिरों पर कब्जे का मामला सामने आया है। एसडीएम लश्कर नरेंद्रबाबू यादव और तहसीलदार मनीष जैन के साथ राजस्व टीम ने तीन मंदिरों का निरीक्षण किया, जहां मंदिर के परिसर को भक्तों के लिए नहीं, पुजारी के परिवार व रिश्तेदारों के लिए उपयोग किया जा रहा था। एक जगह दुकानें बना दी गईं और भगवान के मंदिर को जाने के मार्ग को गली बना दिया गया।
मंदिर के बोर्ड भी नहीं लगाए गए जिससे पता ही न चल सके कि यहां माफी के मंदिर हैं। इस दौरान लोगों से भी पता चला कि मंदिरों पर ताला डाल दिया जाता है और लोग दर्शन करने को तरस जाते हैं। इस दौरान कुछ कमरे खाली कराए व दुकान सील की कार्रवाई भी की गई। एक मंदिर की भूमि पर 54 लोगों का अतिक्रमण निकला है।
एसडीएम लश्कर, नरेंद्रबाबू यादव ने बताया किक माफी औकाफ के मंदिरों को लेकर जांच पड़ताल की जा रही है, लश्कर के तीन मंदिरों में कब्जे, दुकानें व भूमि पर भी कब्जे मिले हैं। नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
सात दिन में दुकानों को खाली करने के निर्देश
- मंदिर हरिनिर्मल टाकीज के सामने नई सडक पर स्थित है। यहां पूर्व में पुजारी शकुंतला देवी थीं, जिनका एक वर्ष पूर्व निधन हो चुका है। वर्तमान में इस मंदिर में शकुंतला देवी के पुत्र दिनेश शर्मा व धर्मेंद्र शर्मा पुत्रगण कृष्णदास शर्मा परिवार सहित निवास कर रहे हैं। यह मंदिर लगभग 10 हजार वर्गफुट के क्षेत्र में है। मंदिर का गर्भगृह लगभग 120 वर्गफुट एवं 300 वर्गफुट में बरामदा बना हुआ है।
- नई सड़क के मुख्य मार्ग पर मंदिर की छह दुकानें बनी हुई हैं, जो कि किराये पर दिनेश व धर्मेंद्र शर्मा द्वारा उठाई गई हैं। दुकानों में से एक दुकान में संचालित थोक अनाज भंडार के मालिक रवि चौरसिया के पास किरायेदारी संबंधी कोई भी दस्तावेज न होने से दुकान को सील किया गया। शेष दुकानदारों को दुकानें सात दिन में खाली करने के लिए निर्देशित किया गया।
खाली कराया गया मंदिर का कमरा
- यह मंदिर शिंदे की छावनी लश्कर की हनुमान गली में संकरे मार्ग में तहसील लश्कर के ग्राम लश्कर के सर्वे क्रमांक 483 रकबा 9.689 है। नोइयत आबादी गांव-ठान के अंश भाग लगभग लगभग 750 वर्गफुट में स्थित है। मंदिर का गर्भगृह 150 वर्गफुट में बना हुआ है।
- मंदिर के बगल के एक कमरे में अर्चना शर्मा पत्नी स्वर्गीय महेश चंद्र व उनका पुत्र निवासरत है। अर्चना शर्मा द्वारा ही मंदिर में पूजा पाठ किया जाता है। मंदिर के ऊपरी भाग पर दो कमरे बने हुए हैं, जिनमें पुजारी अर्चना शर्मा के जेठ हरीशचंद्र शर्मा का सामान रखा था, जिसे हटवाकर कमरे खाली कराए गए।
श्री रामजानकी मंदिर
- चौकी कोटा लश्कर मंदिर खासगी बाजार में भैंसा चौकी कोटा लश्कर में यह तहसील लश्कर के ग्राम कोटा लश्कर के सर्वे क्रमांक 765 रकबा है। नोइयत आबादी गांव-ठान के अंश भाग लगभग 10 हजार वर्गफीट में स्थित है। मंदिर का गर्भगृह लगभग 200 वर्गफीट व उसका बरामदा व परिक्रमा पथ लगभग चार हजार वर्गफीट में निर्मित है। शेष खुला भाग है। लगभग एक हजार वर्गफीट में गोशाला निर्माण किया गया है।
- मंदिर में पुजारी मुन्नी दुबे द्वारा पूजा अर्चना की जाती है। मंदिर से संलग्न भूमि पर 54 व्यक्तियों द्वारा मकान बनाकर अतिक्रमण किया गया है जिन्हें हटाने के लिए धारा 248 के तहत प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। इसी खसरा नं 1591/1 में अवैध कालोनी प्रविष्टि हटाने के लिए प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
