ग्वालियर में टेलीग्राम के जरिए ऑनलाइन ट्रेडिंग का झांसा देकर निजी कंपनी के कर्मचारी से 23.84 लाख रुपये ठग लिए गए। शुरुआती मुनाफा दिखाकर फर्जी निवेश एप …और पढ़ें

HighLights
- टेलीग्राम लिंक से शुरू हुई 23.84 लाख की ठगी।
- 10 हजार निवेश पर 1600 रुपये मुनाफा दिखाया।
- फर्जी ट्रेडिंग एप में बढ़ता रहा नकली मुनाफा।
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। साइबर ठग अब लोगों को फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग और निवेश योजनाओं के जरिए निशाना बना रहे हैं। ग्वालियर में एक निजी कंपनी के कर्मचारी के साथ ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां टेलीग्राम एप के माध्यम से संपर्क कर ठगों ने पहले छोटे मुनाफे का लालच दिया और फिर लाखों रुपये की ठगी कर ली।
पीड़ित को ऑनलाइन ट्रेडिंग और रेटिंग टास्क के नाम पर निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया। शुरुआत में उसे कुछ लाभ दिखाया गया, जिससे उसका भरोसा बढ़ गया। इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों में लगातार रकम जमा कराई गई। जब निवेश की गई राशि और दिख रहे मुनाफे को निकालने का प्रयास किया गया तो ठगों ने टैक्स, प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्कों के नाम पर और पैसे जमा कराए।
अंततः पीड़ित को एहसास हुआ कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुका है। मामले की शिकायत साइबर हेल्पलाइन पर की गई, जिसके बाद ई-जीरो एफआइआर दर्ज हुई और अब महाराजपुरा थाना पुलिस तथा साइबर सेल मामले की जांच कर रही है।
टेलीग्राम मैसेज से शुरू हुआ ठगी का खेल
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रामपुर निवासी राकेश पुत्र दामोदर सिंह ग्वालियर के शताब्दीपुरम क्षेत्र में किराये के मकान में रहते हैं और मालनपुर स्थित एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं। चार अप्रैल को उनके टेलीग्राम अकाउंट पर एक मैसेज आया, जिसमें ऑनलाइन रेटिंग और ट्रेडिंग के जरिए 100 प्रतिशत तक मुनाफा कमाने का दावा किया गया था।
पहले दिलाया मुनाफा
राकेश ने लिंक पर क्लिक किया तो उनसे संपर्क कर ऑनलाइन ट्रेडिंग और होटल-मूवी रेटिंग टास्क का झांसा दिया गया। शुरुआत में 10 हजार रुपये निवेश कराए गए, जिस पर 1600 रुपये का लाभ मिला। इससे उनका भरोसा बढ़ गया। इसके बाद एक डमी पे-वॉलेट बनवाकर अलग-अलग खातों में लगातार रकम जमा कराई गई।
डमी ट्रेडिंग एप में दिखता रहा मुनाफा
ठगों द्वारा उपयोग किया गया एप वास्तव में फर्जी था। इसमें निवेश और मुनाफा तो दिखाई देता था, लेकिन रकम निकालने का कोई विकल्प काम नहीं करता था। जब राकेश ने पैसा निकालने का प्रयास किया तो टैक्स और अन्य शुल्कों के नाम पर अतिरिक्त रकम जमा कराई गई।
सात राज्यों के खातों तक पहुंची रकम
जांच में सामने आया है कि ठगी की रकम सात अलग-अलग राज्यों के म्यूल खातों में ट्रांसफर की गई। साइबर सेल बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की पड़ताल कर रही है। पुलिस आरोपितों तक पहुंचने के लिए तकनीकी साक्ष्य जुटा रही है।
1600 रुपये का लालच पड़ा भारी
सिर्फ 1600 रुपये के शुरुआती मुनाफे ने राकेश को बड़े निवेश के लिए प्रेरित कर दिया। इसी लालच में वह कुल 23.84 लाख रुपये गंवा बैठे। पुलिस लोगों से अपील कर रही है कि किसी भी ऑनलाइन निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें।
