भगदड़ किस कारण मची, इसका सही पता डिब्बे में सवार यात्रियों से लगेगा, इसलिए जेएसी टीम हादसे के वक्त घटनास्थल और डिब्बे में सवार यात्रियों की जानकारी जु …और पढ़ें

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर/मुरैना। मुरैना-धौलपुर के बीच रविवार को हुए रेल हादसे की जांच के लिए रेल मंडल झांसी के डीआरएम अनिरुद्ध कुमार ने सीनियर डिवीजनल सेफ्टी आफिसर (सीनियर डीएसओ) के संयोजन में सात सदस्यीय समिति गठित की है, जो हादसे के कारणों की जांच करेगी। रेलवे पहले ही पुष्टि कर चुका है कि डिब्बे में आग नहीं लगी थी। भगदड़ किस कारण मची, इसका सही पता डिब्बे में सवार यात्रियों से लगेगा, इसलिए जेएसी टीम हादसे के वक्त घटनास्थल और डिब्बे में सवार यात्रियों की जानकारी जुटा रही है, जिनसे पूछताछ होगी।
इस जांच कमेटी में सीनियर डिवीजनल आपरेशंस मैनेजर जनरल, सीनियर डिवीजनल कमर्शियल मैनेजर, सीनियर डिवीजनल सिक्योरिटी कमिश्नर, सीनियर डिवीजनल मैकेनिकल इंजीनियर, सीनियर डिवीजनल इलेक्ट्रिकल इंजीनियर आपरेशंस और सीनियर डिवीजनल इलेक्ट्रिकल इंजीनियर जनरल को शामिल किया गया है। यह टीम शुक्रवार तक अपनी रिपोर्ट सबमिट करेगी।
गौरतलब है कि, रविवार की शाम साढ़े चार बजे के करीब ग्वालियर से आगरा की ओर जा रही खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी के जनरल डिब्बे में आग की अफवाह उड़ी। इसके बाद किसी महिला यात्री ने चेन पुलिंग कर हेतमपुर रेलवे स्टेशन से दो किलोमीटर दूर ट्रेन को रोक दिया और इसके बाद डब्बे से यात्री कूदने लगे। डब्बे से उतरे यात्री दूसरी ट्रैक पर खड़े थे, इसी दौरान आगरा की ओर से पातालाकोट एक्सप्रेस ट्रेन आई, जिससे कटकर आगरा निवासी आफरीन, उसका चार साल का बेटा असद खान के अलावा आगरा की ही शकुंतला परमार और बीकानेर की विरमा देवी पत्नी गिरधारी गिरी की मौत हो गई।
सोमवार को घटनास्थल पर जीआरपी की एडिशनल एसपी नीतू डावर जांच करने पहुंची। उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट भोपाल जीआरपी मुख्यालय में देने की बात कही। वहीं रविवार की देर रात शवों के पोस्टमार्टम के बाद रेलवे ने मृतकों के परिवार को तत्काल 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी, वहीं कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने भी जिला प्रशासन की ओर से 10-10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मुहैया करवाई। अब रेलवे की ओर से मृतकों के स्वजन को एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता और देने की प्रक्रिया की जा रही है।
