यह घटना महिला के दो माह के बेटे के दष्ठोन के अगले ही दिन हो गई। शनिवार को दष्ठोन कार्यक्रम था। …और पढ़ें

HighLights
- पुलिस हत्या और हादसे के एंगल पर कर रही जांच
- पड़ोसियों ने पुलिस को दी खबर
- लाश ठिकाने लगाने की परिवार की थी तैयारी
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। थाटीपुर स्थित तृप्ति नगर में घर के अंदर ही महिला के सिर में गोली लगने से मौत हो गई। पूरा परिवार महिला को पहले निजी फिर सरकारी अस्पताल ले गया, लेकिन अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया। फिर पुलिस को सूचना दिए बगैर ही लाश को घर ले आए। यहां डीप फ्रीजर में रख दिया। लाश को ठिकाने लगाने की तैयारी थी। इससे पहले ही पुलिस को भनक लग गई। पुलिस जब यहां पहुंची तो इससे पहले ही महिला के पति, देवर, जेठ को सूचना मिल गई। यह लोग भूमिगत हो गए।
देवर के साथ कमरे में थी महिला
घर में मौजूद अन्य महिलाओं से पुलिस ने बात की तो बोलीं- महिला अपने देवर के साथ कमरे में थी। यहां बच्चे भी बैठे थे। इसी दौरान कट्टे से गोली चल गई। यह महिला को लग गई। पुलिस ने मृतका के शव को पोस्टमार्टम हाउस भिजवा दिया है। पति, देवर और जेठ की तलाश चल रही है। महिला को गोली किन परिस्थितियों में लगी। इसे लेकर पुलिस तस्दीक कर रही है। पुलिस हत्या और हादसे के एंगल पर जांच कर रही है। देर रात फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम भी यहां पहुंची। यह घटना महिला के दो माह के बेटे के दष्ठोन के अगले ही दिन हो गई। शनिवार को दष्ठोन कार्यक्रम था।
पति मनोज बैंक में है मैनेजर
तृप्ति नगर का रहेन वाला मनोज कुशवाह निजी बैंक में मैनेजर है। 13 वर्ष पहले उसकी शादी जान्हवी उर्फ ज्योति कुशवाह से हुई थी। दो माह पहले ही इनके बेटा हुआ है। बड़ा बेटा आठ वर्ष का है। छोटा बेटा करीब डेढ़ माह तक अस्पताल में भर्ती था। इसके चलते उसका दष्ठोन कार्यक्रम शनिवार को था। रात साढ़े तीन बजे तक कार्यक्रम चला। सुबह जान्हवी को गोली लग गई। उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। पहले निजी फिर अस्पताल ले जाया गया। जहां उसे मृत घोष्ज्ञित कर दिया। पुलिस को सूचना दिए बगैर ही उसे घर लाया गया। यहां लाश को डीप फ्रीजर में रख दिया गया। पुलिस जब पहुंची तो पति, देवर गायब मिले। पुलिस ने जब महिलाओं से पूछा तो बोलीं कि देवर योगेश कमरे में बैठा था। उससे गोली चल गई।
मामला संदिग्ध
- हादसा तो पति-देवर गायब क्यों: इसमें पुलिस को हत्या का भी संदेह है। पुलिस अधिकारियों का कहना है- अगर हादसा हुआ था तो पुलिस को सूचना दी जाती। पूरे दिन इस घटना को छिपाया गया। फिर परिवार भी गायब हो गया। यह मामले को संदिग्ध बनाता है।
