ग्वालियर साइबर ठगी और ऑनलाइन गेमिंग की रकम की हेराफेरी का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। म्यूल खातों के जरिए करोड़ों रुपये देश-विदेश तक पहुंचाने वाले कई …और पढ़ें

HighLights
- ग्वालियर में साइबर ठगी की रकम का नेटवर्क सक्रिय।
- गरीबों के बैंक खाते किराये पर लेकर हो रही हेराफेरी।
- कंबोडिया के ठगों को उपलब्ध कराए जा रहे म्यूल खाते।
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शहर अब साइबर अपराधियों के लिए एक नया और सुरक्षित गढ़ बनता जा रहा है। शहर में ऑनलाइन गेमिंग और साइबर ठगी की रकम की हेराफेरी का ऐसा मकड़जाल फैल चुका है, जिसने पुलिस की नींद उड़ा दी है। हाल में हुए कुछ बड़े खुलासों से साफ हुआ है कि ग्वालियर अब सिर्फ ठगी का शिकार नहीं हो रहा, बल्कि यहां से देश के अंदर और विदेश तक ठगी की रकम की हेराफेरी का बड़ा नेटवर्क पैर जमा चुका है।
इस काले कारोबार को चलाने के लिए बाकायदा “खाता प्रदाता का नेटवर्क सक्रिय हुआ है, जो गरीबों और मजबूर लोगों के बैंक खातों को किराये पर लेकर करोड़ों रुपये की हेराफेरी कर रहा है। यह शहर से नेटवर्क शहर से ही आपरेट हो रहा है। यहां के युवक जल्दी रुपया कमाने के लालच में ठगों के इशारे पर म्यूल खातों का इंटरनेटशनल नेटवर्क आपरेट कर रहे हैं।
वाट्सएप और इंस्टाग्राम से खरीदता था खाते
23 अप्रैल को झांसी रोड इलाके में रहने वाले मुकेश गुर्जर को क्राइम ब्रांच ने पकड़ा था। वह साइबर ठगों से टेलीग्राम के जरिये संपर्क में आया। कंबोडिया में बैठे ठगों को म्यूल खाते उपलब्ध कराता था। ग्वालियर के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के खाते खरीदकर ठगों को उपलब्ध करवाता था।
उप्र, बिहार के बेरोजगारों से ऑनलाइन गेम के नाम पर कराई ठग
ग्वालियर पुलिस ने ऑनलाइन बेटिंग ऐप के जरिए ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ। यहां उत्तर प्रदेश और बिहार के बेरोजगारों को नौकरी के बहाने लाया गया और ठगी के काले कारोबार में उतारा गया। पुलिस ने सरगना देवा यादव, पवन यादव को पकड़ा। यह उप्र और बिहार के बेरोजगार युवकों को शहर में बुलाकर ऑनलाइन बेटिंग एप के जरिये ठगी और ठगी की रकम की म्यूल खातों के जरिये हेराफेरी कर रहे थे।
किराये के बैंक खातों और बाहरी राज्यों के बेरोजगारों का उपयोग
सिटी सेंटर स्थित होटल हैरीटेज ग्वालियर के एक कमरे से म्यूल खातों का इंटरनेशनल नेटवर्क आपरेट हो रहा था। यहां ग्वालियर, मुरैना और धौलपुर के चार शातिर एजेंट पकड़े गए थे। जो एक कमरे में बैठकर म्यूल खातों का नेटवर्क चला रहे थे। म्यूल खातों में आ रही साइबर ठगी की रकम को निकालकर दूसरे खातों में डालना फिर क्रिप्टो ट्रेडिंग के जरिये इस पैसे को पाकिस्तान तक भेजने का पूरा काम शहर से ही हो रहा था। पुलिस ने नौ मई को सौरभ सेजवान, अंकित गुर्जर, सौरभ श्रीवास, अजय शर्मा को पकड़ा था।
