जीवाजी विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट छात्रावास में एआई तकनीक के कथित दुरुपयोग का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। फार्मेसी विभाग के एक छात्र ने अपने …और पढ़ें

HighLights
- जीवाजी यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में AI का खौफनाक खेल
- छात्र की न्यूड फोटो बनाकर मांगी 1 लाख की फिरौती
- डिजिटल दुरुपयोग पर प्रशासन नजर बनाए हुए है
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट छात्रावास में एआई तकनीक के कथित दुरुपयोग का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। फार्मेसी विभाग के एक छात्र ने अपने ही बैच के दो साथियों पर उसकी तस्वीरों से छेड़छाड़ कर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है। मामला विश्वविद्यालय प्रशासन तक पहुंचा तो छात्रावास में कुछ समय के लिए हलचल मच गई।
AI से बनाया आपत्तिजनक
शिकायत के अनुसार छात्र को उसके दो सहपाठियों ने अपने कमरे में बुलाया था। छात्र नहाकर निकला था तो वैसा ही उनके कमरे में आ गया। बातचीत के दौरान उन्होंने उसकी जानकारी के बिना तस्वीरें ले लीं।
आरोप है कि बाद में इन तस्वीरों को एआई की मदद से आपत्तिजनक रूप देकर छात्र की मां को भेजा गया। साथ ही कथित तौर पर एक लाख रुपये की मांग की गई और पैसे नहीं देने पर इंटरनेट मीडिया व अन्य माध्यमों से बदनाम करने की धमकी दी गई।
शिकायत के बाद हुआ समझौता
घटना की जानकारी मिलने के बाद छात्र ने विश्वविद्यालय प्रशासन से शिकायत की। प्रशासनिक अधिकारियों ने छात्रावास पहुंचकर मामले की पड़ताल शुरू की। जांच की आहट मिलते ही आरोपी छात्रों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांग ली। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया और मामला आगे नहीं बढ़ा।
परिसर में बढ़ रही हैं विवाद की घटनाएं
गौरतलब है कि इस वर्ष विश्वविद्यालय परिसर और छात्रावासों में छात्रों के बीच विवादों की घटनाएं बढ़ी हैं। हाल ही में गालव सभागार में आयोजित एक सेमिनार के दौरान भी दो छात्र समूह आमने-सामने आ गए थे। वहीं छात्रावासों में रैगिंग की शिकायतें भी यूजीसी हेल्पलाइन तक पहुंच चुकी हैं। हालांकि अधिकांश मामलों में बाद में समझौता हो गया।
डिजिटल दुरुपयोग पर प्रशासन की नजर
बढ़ रही चिंता एआई तकनीक के बढ़ते उपयोग के बीच इस तरह की घटनाएं छात्रों की निजता और साइबर सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े कर रही हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन भी अब छात्रावासों में अनुशासन और डिजिटल दुरुपयोग से जुड़े मामलों पर नजर बनाए हुए है।
