मुरार थाना क्षेत्र के अंतर्गत सिंहपुर रोड के रहने वाले लखनलाल शर्मा वकील हैं। वह मप्र हाइकोर्ट की ग्वालियर बेंच में वकालात करते हैं। …और पढ़ें

HighLights
- वकील को मकान निर्माण के लिए चाहिए था सीमेंट
- गूगल सर्च करते ही जालसाजों के जाल में फंसे
- साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद दर्ज हुई एफआईआर
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शहर के मुरार क्षेत्र में रहने वाले एक वकील को गूगल से नंबर निकालकर सीमेंट डीलर को काल करना भारी पड़ गया। वकील को लगा यह नंबर सीमेंट डीलर का है, लेकिन असल में नंबर शातिर ठग का था। जिस पर काल किया तो ठग ने उनसे सीमेंट डीलर बनकर ही बात की और 1.93 लाख रुपये ठग लिए। वकील ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर काल किया। इसके बाद एफआइआर दर्ज हुई है।
मुरार थाना क्षेत्र के अंतर्गत सिंहपुर रोड के रहने वाले लखनलाल शर्मा वकील हैं। वह मप्र हाइकोर्ट की ग्वालियर बेंच में वकालात करते हैं। उनके मकान का निर्माण कार्य चल रहा है। उन्हें मकान निर्माण के लिए सीमेंट की आवश्यकता थी। उन्होंने अल्ट्राटेक सीमेंट के डीलर का नंबर निकालने के लिए गूगल पर सर्च किया। उन्हें अल्ट्राटेक डीलर के नाम से एक नंबर मिला। इस नंबर पर लखनलाल शर्मा ने काल किया। काल कर 840 बोरी सीमेंट का आर्डर किया। प्रति बोरी 243 रुपये के हिसात से भुगतान ले लिया।
उसने वाट्स पर इनवाइस भेजा। इसके बाद एडवांस रुपये भी खाते में डलवा लिए। दो दिन में सीमेंट की डिलीवरी भेजने की बात कही। दो दिन तक जब डिलीवरी नहीं आई तो उन्होंने काल किया। इस नंबर पर बात नहीं हो सकी। तब उन्हें समझ आया कि उनके साथ ठगी हो गई है। फिर साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत की। तब ई-जीरो एफआइआर दर्ज हुई। मुरार थाना पुलिस ने मूल एफआइआर दर्ज कर ली है।
सावधान….गूगल से न निकालें नंबर, ठगों के जाल में फंस जाएंगे: इस तरह से पहले भी ठगी हुई हैं। ठगों ने अलग-अलग कंपनियों के कस्टमर केयर के नाम पर भी अपने नंबर डाल रखे हैं। अगर नंबर की जरूरत है तो उस संस्थान की वेबसाइट या मोबाइल एप्लीकेशन से ही निकालें। आफीशियल वेबसाइट से भी नंबर निकालने के बाद एडवांस भुगतान न करें, ओटीपी न बताएं।
