पुलिस थिएटर क्लब बनाकर पुलिसकर्मियों को अभिनय और संवाद कौशल का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। …और पढ़ें

HighLights
- तनाव कम करने के लिए ग्वालियर पीटीएस की अनोखी पहल
- राजा मानसिंह तोमर के जीवन पर नाटक से होगी शुरुआत
- इंदौर के बाद अब ग्वालियर में प्रयोग
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। खाकी अब सिर्फ सख्ती की पहचान नहीं रहेगी, बल्कि संवेदनशील संवाद और बेहतर व्यवहार की नई सीख भी लेगी। पुलिसकर्मियों के भीतर आत्मविश्वास, धैर्य और मानवीय दृष्टिकोण विकसित करने के लिए तिघरा स्थित पुलिस प्रशिक्षण स्कूल (पीटीएस) में रंगमंच का सहारा लिया जा रहा है। यहां पुलिस थिएटर क्लब बनाकर पुलिसकर्मियों को अभिनय और संवाद कौशल का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे आम लोगों और फरियादियों से अधिक बेहतर तरीके से जुड़ सकें।
इसके लिए राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय के नाट्य एवं रंगमंच संकाय के सहयोग से विशेष रंगमंच कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। प्रशिक्षु पुलिसकर्मी सामाजिक और ऐतिहासिक विषयों पर आधारित नाटक प्रस्तुत करेंगे। पहला नाटक राजा मानसिंह तोमर के जीवन पर आधारित होगा, जिसमें पुलिसकर्मी ही अभिनय करेंगे।
रंगमंचीय गतिविधियां से होता है तनाव कम
पीटीएस तिघरा के अधिकारियों ने बताया कि पुलिसकर्मियों पर लगातार काम का दबाव रहता है। ऐसे में रंगमंचीय गतिविधियां तनाव कम करने के साथ व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाने में मदद करती हैं। उन्होंने बताया कि इंदौर में इस तरह के प्रयोग के अच्छे परिणाम सामने आए थे, जहां पुलिसकर्मियों का आम जनता और फरियादियों से संवाद पहले की तुलना में अधिक सहज और मानवीय हुआ।
वहीं विश्वविद्यालय के कुलसचिव अरुण चौहान ने कहा कि रंगमंच आत्मविश्वास बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है। मंच पर अभिनय करने से झिझक कम होती है और लोगों से बेहतर तरीके से संवाद करना आता है। पुलिस सेवा में यह कौशल बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे पुलिसकर्मी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में खुद को बेहतर ढंग से संभाल पाते हैं।
