पुलिस की जानकारी में आया है कि इस तरह से इन्हीं लोगों ने देशभर में करोड़ों रुपये की ठगी अन्य लोगों के साथ की है। …और पढ़ें

Publish Date: Thu, 28 May 2026 08:18:19 AM (IST)Updated Date: Thu, 28 May 2026 08:19:25 AM (IST)

वर्क फ्रॉम के नाम पर फ्रॉड: किताबों की पीडीएफ के जरिये लाखों की कमाई का सपना दिखा मां-बेटे से 16 लाख रुपये ठगे
प्रतीकात्मक चित्र।

HighLights

  1. सर्वेयर साल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने लगाया चूना
  2. कंपनी के संचालक ने हर महीने लाखों की कमाई का दिया झांसा
  3. बेरोजगार बेटे के चक्कर में पति की एफडी तोड़ी

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। किताबों की पीडीएफ के जरिये हर महीने लाखों की कमाई का झांसा देकर मां-बेटे से 16 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। इनके साथ ठगी करने वाली कंपनी का नाम सर्वेयर साल्यूशन प्रायवेट लिमिटेड है, जिसका संचालक नवीन जोशी है। पुलिस को पता लगा है कि इस तरह से इन्हीं लोगों ने देशभर में करोड़ों रुपये की ठगी अन्य लोगों के साथ की है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है।

गोला का मंदिर थाना क्षेत्र के अंतर्गत इंद्रमणि नगर की रहने वाली राजकुमारी परमार और उनके बेटे रवि परमार की मुलाकात नवीन जोशी से हुई थी। रवि परमार बेरोजगार है। नवीन जोशी ने इन्हें पड़ाव स्थित दफ्तर में बुलाया। इनसे कहा कि उनकी कंपनी बड़े लेखकों की किताबों को डाक्यूमेंट फार्मेट में बदलकर इनका ई-वर्जन तैयार करती है। अगर इस काम को करने के लिए वह निवेश करेंगे तो हर महीने मोटी कमाई होगी।

फिर और रुपये लगवा लिए। दोनों ने 11 लाख रुपये और जमा किए। रोज पीडीएफ बनाकर सर्वर पर डाउनलोड करते थे, लेकिन भुगतान नहीं आया। जब रुपये नहीं मिले तो नवीन को काल किया। उसका नंबर बंद आ रहा था। जब आफिस जाकर देखा तो यहां मीनू चौरसिया नाम की महिला मिली। उसने भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। आफिस बंद कर यह लोग भाग गए। पड़ाव थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है।

पति की एफडी तुड़वाकर जमा किए थे रुपये

महिला ने पति की एफडी तुड़वाकर बेटे के भविष्य के लिए यह रुपये जमा किए थे। बेटा बेरोजगार था। उसे लगा कि इससे हर महीने बेटे की कमाई होने लगेगी।

पांच लाख जमा कराने के बाद ढाई लाख लौटाए

पहले महीने पांच लाख रुपये जमा करा लिए। इसके एवज में ढाई लाख रुपये मां-बेटे के खाते में आ गए। इन्हें लगा कि यह मुनाफे का धन है। इससे उनका कंपनी पर भरोसा भी पक्का हुआ, लेकिन दो दिन बाद ही खाता फ्रीज हो गया। जब इस बारे में बात की तो नवीन ने बताया कि यह सिक्योरिटी मनी का रुपया जमा हुआ है। हकीकत में यह रुपया साइबर फ्राड का था। जिसे सुनियोजित ढंग से इनके खाते में भेजा गया था।



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