सरकारी नर्सरी के लिए बीता साल बेहद शानदार रहा था। …और पढ़ें

HighLights
- किचन गार्डन और इनडोर प्लांट्स पर नजर
- पिछले साल हुई थी 9 लाख रूपये की कमाई
- हाइब्रिड नींबू, अमरूद आदि के पौधे किए जा रहे हैं तैयार
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। मानसून की आहट के साथ ही अंचल में प्रकृति को सहेजने और शहर को हरा-भरा बनाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसी कड़ी में स्थानीय उद्यानिकी विभाग ने अपनी शासकीय नर्सरी में इस साल रिकार्ड 50 हजार पौधे तैयार करने का प्लान बनाया है। इस बार विभाग का उद्देश्य न केवल शहर को हरियाली की सौगात देना है, बल्कि अपनी आय का एक नया कीर्तिमान भी स्थापित करना है। पिछले वर्ष की शानदार सफलता से उत्साहित उद्यानिकी विभाग ने इस सीजन में पौधों की बिक्री से 10 से 11 लाख रुपये का राजस्व जुटाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।
इन पौधों की रहती है अधिक मांग
अधिकारियों ने बताया कि अंचल के लोग अब अपने घरों में किचन गार्डन और इनडोर प्लांटिंग को काफी तवज्जो दे रहे हैं। इसी ट्रेंड को देखते हुए इस बार नर्सरी में विशेष रूप से सजावटी फूलों और मौसमी फलों के पौधे तैयार किए जा रहे हैं। गुलाब, गेंदा, हिबिस्कस (गुड़हल), बोगनवेलिया के साथ-साथ कई इनडोर एयर-प्यूरिफायर और सजावटी फूलों की प्रजातियों की कलम तैयार की जा रही है, जिनकी शहर के पाश इलाकों में सबसे ज्यादा मांग रहती है। इसके अलावा हाइब्रिड नींबू, अमरूद, आम और पपीते के पौधे भी तैयार किए जा रहे हैं, जो कम जगह में और गमलों में भी बेहतर फल दे सकें।
पिछले साल हुई थी नौ लाख रुपये की आय
शासकीय नर्सरी के लिए बीता साल बेहद शानदार रहा था। विभाग के प्रबंधन और पौधों की उच्च गुणवत्ता के चलते पिछले सीजन में अच्छी बिक्री हुई, जिससे नर्सरी को नौ लाख रुपये की आय हुई थी।
इसी सफलता को आधार बनाकर इस वर्ष मानसून से ठीक पहले नर्सरी के ग्रीनहाउस और बेड पर काम तेज कर दिया गया है, ताकि समय रहते पौधे रोपण और बिक्री के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें।
जिले में दो ही नर्सरी हैं, जहां पौधे तैयार किए जाते हैं। शहर की नर्सरी में 50 हजार से अधिक विभिन्न पौधों को तैयार किया जा रहा है। इनमें घरों के सजावटी सहित फलदार व अन्य पौधे बेचे तैयार किए जा रहे हैं। इस बार 10 से 11 लाख तक की आय नर्सरी को इन पौधों से होगी। शहर के लोग कीमत कम होने से यहां से पौधे खरीदना पसंद करते हैं। – एमपीएस बुंदेला, सहायक संचालक उद्यान
