शुक्रवार की सुबह करीब 4:30 बजे अचानक तेज और ठंडी हवाओं के साथ शहर में करीब 15 मिनट तक तेज बारिश हुई। …और पढ़ें

HighLights
- 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं।
- ग्वालियर-चंबल में मौसम विभाग का यलो अलर्ट।
- बिजली जाने से सुबह-सुबह लोगों की नींद हुई हराम।
डिजिटल डेस्क, ग्वालियर। ग्वालियर और चंबल अंचल में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। पिछले एक सप्ताह से उमस भरी गर्मी से बेहाल लोगों को गुरुवार दोपहर के बाद तेज आंधी और झमाझम बारिश ने बड़ी राहत दी। राहत का यह सिलसिला आज, यानी शुक्रवार (12 जून) की अलसुबह भी जारी रहा। सुबह करीब 4:30 बजे अचानक तेज और ठंडी हवाओं के साथ शहर में करीब 15 मिनट तक तेज बारिश हुई। हालांकि, इस खुशनुमा मौसम के बीच शहर की बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई, जिससे ट्रिपिंग और फॉल्ट के कारण सुबह-सुबह लोगों की नींद हराम हो गई।
48 घंटे ऐसा ही रहेगा मौसम, ओले गिरने की आशंका
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ और दो चक्रवातीय सिस्टमों के कारण यह बदलाव आया है। आगामी 48 घंटों तक ग्वालियर-चंबल के जिलों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और कहीं-कहीं चने के आकार के ओले गिरने की संभावना है। इस मौसमी बदलाव से अगले 3-4 दिनों तक तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की और गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।
3 घंटे में 12 डिग्री गिरा पारा, देर रात भी हुई झमाझम
इससे पहले गुरुवार को सुबह की शुरुआत तेज धूप और उमस के साथ हुई थी। दोपहर 2:30 बजे तक पारा 42 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया था और हवा में नमी 78% (सामान्य से 42% अधिक) थी। लेकिन दोपहर 3 बजे के बाद अचानक आंधी चली और बारिश शुरू हो गई, जिससे महज तीन घंटे में तापमान 12 डिग्री सेल्सियस से अधिक गिर गया। इसके बाद देर रात 12 बजे फिर से तेज बारिश ने शहर को तरबतर कर दिया। मौसम विभाग के अनुसार, शहर में कुल 12.4 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है। लश्कर और कंपू क्षेत्र में तेज, सिटी सेंटर व मुरार में मध्यम और बहोड़ापुर में हल्की बारिश दर्ज हुई।
आंधी से गिरे पेड़, घंटों गुल रही बिजली
गुरुवार दोपहर आई तेज आंधी के कारण कंपू ईदगाह इलाके में तीन विशाल पेड़ टूटकर बिजली की एलटी लाइन पर गिर गए, जिससे बड़ा फॉल्ट हो गया। नगर निगम के पार्क विभाग ने पेड़ों को हटाकर शाम तक मरम्मत कार्य जारी रखा। इसी तरह बहोड़ापुर, इंद्रमणि नगर, महलगांव, बाराघाटा और मामा का बाजार इलाकों में भी पेड़ों की टहनियां गिरने और फॉल्ट के कारण घंटों बिजली गुल रही, जिससे लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जून महीने की वर्षा के आंकड़े
- औसत मासिक वर्षा: जून के पूरे महीने में औसतन 68 मिमी से 76 मिमी तक वर्षा दर्ज की जाती है।
- महीने के दौरान बदलाव: जून की शुरुआत में औसत वर्षा बहुत कम यानी करीब 30 मिमी के तक होती है, लेकिन 15 से 20 जून के बाद जब अंचल में प्री-मानसून सक्रिय होता है, तो महीने के अंत तक यह ग्राफ बढ़कर 133 मिमी तक पहुंच जाता है।
- वर्षा के दिनों की संख्या: जून में आमतौर पर चार से सात दिन ऐसे होते हैं जब अच्छी बौछारें या वर्षा दर्ज की जाती है। बाकी दिनों में मौसम शुष्क या अत्यधिक उमस भरा रहता है।
