भाटपचलाना थाना क्षेत्र के चिरोला गांव में बुधवार को एक हृदयविदारक घटना ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया। मंगलवार सुबह घर से निकले दो जिगरी दोस्तों के शव बुधवार को गांव की एक डबरी (तालाबनुमा जलाशय) से बरामद किए गए। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
जानकारी के अनुसार, 16 वर्षीय अजय बैरागी और 20 वर्षीय कमल माली मंगलवार सुबह करीब 9 बजे घर से निकले थे। देर रात तक दोनों के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने पहले सोचा कि गांव में चल रहे नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट में रुक गए होंगे। लेकिन रात 12 बजे तक कोई सूचना नहीं मिलने पर चिंतित परिजन भाटपचलाना थाने पहुंचे और गुमशुदगी की सूचना दी।
पुलिस ने रातभर दोनों की तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। बुधवार सुबह एक राहगीर की नजर गांव की डबरी के किनारे खड़ी एक लावारिस बाइक पर पड़ी। पास में दो मोबाइल फोन और दो जोड़ी चप्पलें भी मिलीं। सूचना मिलते ही पुलिस और गोताखोर मौके पर पहुंचे। दोपहर तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद डबरी से दोनों युवकों के शव बरामद कर लिए गए। एहतियात के तौर पर उज्जैन से एनडीआरएफ की टीम भी बुलाई गई थी। भाटपचलाना थाना प्रभारी सत्येंद्र चौधरी ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद दोनों शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। मामले की जांच की जा रही है कि दोनों युवक नहाने के लिए पानी में उतरे थे या किसी अन्य कारण से हादसा हुआ।
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मोबाइल में मिली आखिरी सेल्फी
पुलिस को घटनास्थल से मिले कमल के मोबाइल फोन में सुबह 9:17 बजे ली गई एक सेल्फी मिली है। तस्वीर के बैकग्राउंड में वही डबरी दिखाई दे रही है, जहां से बाद में दोनों के शव मिले। आशंका जताई जा रही है कि यह फोटो पानी में उतरने से ठीक पहले ली गई थी।
एक चप्पल ने बढ़ाए सवाल
घटनास्थल पर अजय की एक चप्पल कीचड़ में धंसी हुई मिली, जबकि दूसरी करीब 10 फीट दूर पड़ी थी। गोताखोरों का अनुमान है कि संभवतः एक युवक पहले डूबा होगा और दूसरा उसे बचाने के लिए पानी में कूदा होगा। हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। बुधवार दोपहर करीब 1 बजे दोनों के शव बरामद कर लिए गए।
‘काल डबरी’ बन चुकी है यह जगह
ग्रामीणों के अनुसार, चिरोला गांव की यह डबरी करीब 18 फीट गहरी है। ऊपर से पानी शांत दिखाई देता है, लेकिन नीचे दलदल और फिसलन होने के कारण यह बेहद खतरनाक है। स्थानीय लोग इसे ‘काल डबरी’ के नाम से जानते हैं। बताया जा रहा है कि इससे पहले भी इस डबरी में दो लोगों की जान जा चुकी है। वर्ष 2023 में एक 13 वर्षीय बालक और वर्ष 2024 में एक मजदूर की यहां डूबने से मौत हुई थी। ग्रामीण पिछले तीन वर्षों से डबरी के चारों ओर सुरक्षा फेंसिंग और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई। अब दो और युवकों की मौत के बाद ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी है।
