उज्जैन में टंकी फुल कराने से डरते लोग अब बाइक को धक्का लगाने पर मजबूर हैं। मंगलवार को बहुजन मुक्ति पार्टी ने इसी दर्द को सड़क पर उतारा और धक्का मार आंदोलन से उज्जैन को चौंका दिया।

पेट्रोल भरी बाइक को धक्का लगाकर जताया विरोध

कोठी पैलेस से निकली रैली में कार्यकर्ता पेट्रोल भरी बाइक को स्टार्ट करने के बजाय धक्का देकर संकुल भवन तक ले गए। हाथ में स्टीयरिंग, पैरों में गुस्सा और जुबां पर एक ही नारा  महंगे तेल ने तोड़ी कमर, अब नहीं चलेगी ये सरकार। यह प्रदर्शन देशभर के 625 जिलों में चल रहे तीन चरण के आंदोलन का तीसरा हिस्सा था। रैली के बाद अध्यक्ष गंगा मालवीय ने कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया।

तेल के दाम ने चूल्हा किया ठंडा

गंगा मालवीय ने बताया कि फेरी वाला हो या ऑफिस जाने वाला, तेल के दाम ने सबका चूल्हा ठंडा कर दिया। ट्रांसपोर्ट महंगा हुआ तो आटा-दाल से लेकर सब्जी तक आग उगल रही है। मुकेश मालवीय ने कहा कि पिछले एक महीने में पेट्रोल की आग ने मध्यमवर्गीय परिवारों का बजट जला दिया। आपने कहा कि संगठन का अल्टीमेटम साफ है दाम कम करो, वरना अगला आंदोलन और बड़ा होगा। अब देखना है कि धक्के की आवाज दिल्ली तक पहुंचती है या नहीं।

625 जिलों मे चल रहा आयोजन

पार्टी के कार्यकतार्ओं ने दोपहिया वाहनों को धक्का देकर रैली निकाली और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया। बताया जाता है कि केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में देश के 625 जिलों में तीन चरणों में राष्ट्रव्यापी आंदोलन चलाया जा रहा है।

ऐसे निकली धक्का मार रैली

आंदोलन के तीसरे चरण के तहत उज्जैन में कोठी पैलेस स्थित मेला कार्यालय से धक्का मार रैली निकाली गई, जो संकुल भवन पहुंचकर समाप्त हुई। रैली में कार्यकर्ता हाथों में दोपहिया वाहन लेकर उन्हें धक्का देते हुए चल रहे थे और महंगाई, बेरोजगारी तथा पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ नारे लगा रहे थे।

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घरेलू बजट हो रहा प्रभावित

संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि लगातार बढ़ती पेट्रोल-डीजल की कीमतों से आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बढ़ती महंगाई का सबसे अधिक असर मध्यमवर्गीय और श्रमिक परिवारों पर पड़ा है। परिवहन लागत बढ़ने से दैनिक उपयोग की वस्तुओं के दाम भी बढ़ गए हैं, जिससे आम लोगों का घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है। धक्का मार आंदोलन के माध्यम से सरकार का ध्यान आमजन की समस्याओं की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया गया है।  

 



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