परीक्षा की गोपनीयता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस बार सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए। प्रश्नपत्र बैंक के लॉकर से परीक्षा केंद्रों तक केवल सरकारी वाहनों से पहुंचाए गए। इन वाहनों में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), स्थानीय पुलिस, केंद्र अधीक्षक और संबंधित नोडल अधिकारी मौजूद रहे।प्रश्नपत्रों के परिवहन की पूरी प्रक्रिया की अनिवार्य रूप से वीडियो रिकॉर्डिंग कराई गई है।
परीक्षा सेंटर पर कई ऐसे परीक्षार्थी पहुंचे जिनके दस्तावेज पूरे नहीं थे।कोई की आधार कार्ड की कॉपी छूट गई थी, तो कोई जल्दबाजी में फोटो भूल आया था।ऐसे में स्कूल प्रबंधन जहां सेंटर पड़ा है, जिला प्रशासन व पुलिस के लोगों ने ऐसे परीक्षार्थियों की मदद की।उनको यह सामान अरेंज करने का समय दिया।अपने लोग भेजकर यह जरुरी सामान मंगवाया।
परीक्षा केंद्र पर चेकिंग के दौरान परीक्षार्थियों की कड़ी चेकिंग की गई। जब मेटल डिटेक्टर से चेकिंग की तो एक प रीक्षार्थी के गले में ताबीज को लेकर डिटेक्टर ने बीप-बीप का साउंड किया। जिस पर परीक्षार्थी का ताबीज उतरवाकर एक कागज में लपेटकर लॉकर रूम में रखवा दिया गया।
इतना ही नहीं कुछ बच्चों ने ताबीज नहीं उतारे बहस की तो उनके ताबीज को टेप से कवर कर दिया गया है।इसके अलावा कलावा, काला धागा, चूड़ी, क्लेचर, जेब में रखे कॉइन (सिक्के) तक बाहर ही जमा करा लिए गए।कलेक्टर रुचिका चौहान ने निर्देश दिए हैं कि सभी केंद्रों पर पर्याप्त अमला तैनात रहा है। प्रत्येक परीक्षार्थी को गहन सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ा।
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महिला और पुरुष अभ्यर्थियों के लिए अलग-अलग फ्रिस्किंग बूथ बनाए गए हैं। जांच पूरी होने के बाद अभ्यर्थियों की डिजिटल बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज की जाएगी, जिसके बाद ही उन्हें परीक्षा कक्ष में प्रवेश मिला।परीक्षार्थी अपने साथ केवल नीट एडमिट कार्ड, उसमें उल्लेखित वैध फोटो पहचान पत्र, पासपोर्ट आकार के दो और पोस्टकार्ड आकार का एक फोटो तथा पारदर्शी पानी की बोतल ही ले जा सके।मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, स्मार्ट वॉच, कैलकुलेटर, बैग, किताबें, कागज के टुकड़े और खाद्य सामग्री पूरी तरह प्रतिबंधित रही ।
